इंदौर में आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए राहत कार्यों में लापरवाही के आरोपों की भी पड़ताल कराने की बात कही।
इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड में दो परिवारों के आठ लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए और कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि कुछ टैंकरों में पानी नहीं था और एक वाहन दूसरी गली में चला गया। समय पर राहत नहीं मिलने से नुकसान और बढ़ गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए भोपाल से अधिकारियों की टीम भेजी गई है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए एसओपी तैयार किया जा रहा है।
अग्निकांड में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हादसे में बचे सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला में परिजनों से मिलने पहुंचे और करीब 20 मिनट तक उनके साथ रहे।
परिजनों के अनुसार आग कल सुबह करीब 4 बजे लगी थी। परिवार के चार सदस्य ऊपरी मंजिल पर पहुंच गए थे और पड़ोसियों की मदद से उन्हें बचा लिया गया, जबकि आठ लोगों की मौत हो गई।
धर्मशाला में मौजूद लोगों ने बताया कि सूचना देने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। यदि समय पर आग पर काबू पाया जाता तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
मृतक के बेटे सौरभ ने दावा किया कि आग गाड़ी की चार्जिंग से नहीं, बल्कि बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी। पहले कार में आग लगी और फिर वह घर के अंदर खड़ी बाइकों तक फैल गई।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal