दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को जाली दस्तावेजों से बंगाल में खिलाने का मामला सामने आया है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन देवीप्रसन्न पर इसे लेकर आरोप लगा है। राज्य के खेल मंत्री इंद्रनील खां के पास दस्तावेजों सहित शिकायत देकर आरोप लगाया गया है कि दूसरे राज्यों के छह क्रिकेटरों को जाली दस्तावेज, फर्जी पते और संदिग्ध आवासीय प्रमाणपत्रों के आधार पर अवैध रूप से बंगाल की ओर से खेलने का मौका दिलाया गया।
शिकायत के अनुसार झारखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छह क्रिकेटरों का कैब में पंजीकरण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया। शिकायतकर्ता शांतनु ने इन खिलाड़ियों के पंजीकरण नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। आरोप है कि एएंडएस क्रिकेट अकादमी के जरिए यह पूरा खेल हुआ और देवीप्रसन्न से जुड़े क्लबों के माध्यम से खिलाड़ियों को अवैध रूप से पंजीकृत कराया गया।
देवीप्रसन्न ने सभी आरोपों को बताया गलत
देवीप्रसन्न ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के बेटे को अनुशासनहीनता के कारण उनकी अकादमी से खेलने का अवसर नहीं मिला था। उसी की नाराजगी में यह शिकायत की गई है। इसपर शिकायतकर्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि उनका बेटा खेलने योग्य नहीं था तो उसे अकादमी में शामिल क्यों किया गया था और टीम की जर्सी क्यों दी गई थी?
दरअसल उसकी जगह पैसे लेकर दूसरे राज्य के खिलाड़ी का पंजीकरण कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कैब में पद पर रहते हुए देवीप्रसन्न का अकादमी और क्लबों से जुड़ा रहना हितों के टकराव का मामला है और यह न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों के विरुद्ध है।
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