नमन धीर ने ‘जुगाड़ और टोटकों’ के कारण करियर में भरी उड़ान
October 24, 2026
खेल
भारतीय टीम के ऑलराउंडर नमन धीर कम समय में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल में नाबाद 42 रन की मैच विजयी पारी खेलकर उन्होंने अपनी उपयोगिता बखूबी साबित की।
नमन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में केवल 15 गेंदों में पांच चौके और दो छक्के की मदद से नाबाद 42 रन बनाए, जिसकी मदद से भारत ने अपने टी20 इंटरनेशनल इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। नमन के करियर ने बेशक रफ्तार पकड़ी, लेकिन इसके पीछे की कहानी बेहद रोचक और मजेदार है।
कनाडा जाने की ठानी
नमन धीर ने अपने करियर में कई बार निराशा झेलने के बाद सफलता प्राप्त की। इसका पता यूं चला कि 2021 में जब पंजाब के चयनकर्ताओं ने नमन की अनदेखी की तो ऑलराउंडर ने कनाडा जाने का फैसला कर लिया था। वो अपनी बहन के पास जाने का मन पक्का कर चुके थे।
हालांकि, नमन को उनके पिता नरेश धीर और दिवंगत कोच गगन सिद्धू ने एक साल और खेल जारी रखने के लिए राजी किया। ऑलराउंडर के लिए चीजें तेजी से बदली। पंजाब रणजी ट्रॉफी के सदस्य और नमन के बचपन के दोस्त सहज धवन ने भारतीय ऑलराउंडर के बारे में मजेदार राज खोला। उन्होंने बताया कि नमन जुगाड़ ढूंढने में माहिर रहा है।
जुगाड़ में माहिर नमन
सहज धवन ने ठहाका लगाते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अंतर-जिला टूर्नामेंट्स में सभी उम्र समूह के लिए फरीदकोट को छोटे जिले के रूप में देखा जाता है। नमन हमेशा ध्यान देता था कि चयनकर्ताओं की नजर बल्लेबाजी क्रम में किस पोजीशन पर लगी हुई है। वो वहीं बल्लेबाजी करता था। नमन ने लगभग सभी बल्लेबाजी पोजीशन पर खेला है।’
नमन के किसी भी क्रम पर खेलने की काबिलियत को शायद मुंबई इंडियंस ने बखूबी पहचाना और 2024 आईपीएल मेगा ऑक्शन में उन्हें 5.25 करोड़ रुपये में खरीदा। फिर नमन के लिए एमआई ने राइट टू मैच कार्ड का प्रयोग भी किया।
घरेलू टी20 लीग ने बदली जिंदगी
नमन धीर ने भारत के लिए डेब्यू से पहले कुछ ही घरेलू मुकाबले खेले थे। मगर बल्लेबाजी में उनका प्रभाव और गेंदबाजी की क्षमता ने टीम प्रबंधन को प्रभावित किया। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में अमृतसर सूरमास के लिए खेलते हुए 26 साल के नमन ने 10 मैचों में 217.61 के स्ट्राइक रेट से 655 रन बनाए। 173 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा।
भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का नमन पर ध्यान गया और कप्तान के कारण राष्ट्रीय टीम में उन्हें जगह मिली। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुअनंतपुरम में नमन को डेब्यू का मौका मिल गया। धवन ने बताया कि उन्होंने और नमन ने एक-दूसरे से वादा किया कि जो भी भारत के लिए खेले, वो एक-दूसरे की हौसलाअफजाई करेंगे।
काम कर गया टोटका
बहरहाल, जब नमन ने भारत के लिए डेब्यू किया तो धवन वहां मौजूद नहीं थे। धवन ने बताया, ‘मेरा उस दिन रणजी ट्रॉफी का ट्रायल मैच था। हम उस दिन पंजाब अंडर-23 के खिलाफ खेल रहे थे। तब मैंने 150 रन बनाए। इस कारण मुझे पंजाब रणजी टीम में जगह मिली। नमन को यह पता था और उसने कहा कि ट्रायल पर ध्यान दे। जब मेरा चयन हुआ तो नमन बहुत खुश था।’
धवन ने एक राज खोलते हुए बताया, ‘एक टोटका है हमारा। जब भी मैं उन्हें ऑल द बेस्ट का मैसेज भेजता हूं तो वो अच्छा खेलता है। अब मैंने फैसला कर लिया है कि प्रत्येक मैच से पहले यही मैसेज नमन को भेजूंगा। लंबे समय तक यह परंपरा जारी रहे।’
दोस्त को केवल एक संदेश
धवन ने करीब से नमन धीर की क्रिकेट यात्रा देखी है। उन्होंने अपने दोस्त के लिए केवल संदेश दिया है, ‘वाहेगुरु मेहर करे, ते तू तरक्की करे।’ नमन धीर की यात्रा ने ध्यान दिलाया कि क्रिकेट में करियर बनाने के लिए एक से ज्यादा तरीके हैं। जुगाड़ और टोटकों के कारण उनका करियर तेज गति से आगे बढ़ा।
नमन ने इन दोनों शब्दों को अपनी प्रतिभा के कारण दबाया भी और उजागर भी किया। उन्होंने बेशक छोटी पारी खेली, लेकिन दिखाया कि सीमित ओवर क्रिकेट में वो अच्छे फिनिशर बन सकते हैं।
2026-10-24