Saturday , 28 May 2022

ईरान और भारत के बीच हुए चाबहार समझौते पर अमेरिका ने जताया संदेह

Loading...

Chabahar-agreement-between-India-and-Iran_57456a1f6f0f6एजेंसी/ वॉशिंगटन: अमेरिका समय-समय पर भारत के साथ मित्र तो कभी दुश्मन दोनों तरह के संबंध रखता है। भारत और ईरान के बीच हुए चाबहार समझौते पर अमेरिका ने जांच करने की ठानी है कि कहीं ये समझौता अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन तो नहीं है।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि प्रशासन इस पर अपनी बारीकी से नजर बनाए हुए है। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की प्रभारी सहायक विदेश मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने मंगलवार को कहा कि ईरान के संबंध में प्रतिबंध के बावजूद भारतीयों की ओर से गतिविधियां जारी रखने को लेकर हम बेहद स्पष्ट हैं।

उन्होंने कहा कि हमें चाबहार के बारे में की गई घोषणा का परीक्षण करते हुए यह देखना होगा कि यह पूरी तरह से सही है या नहीं। चाबहार बंदरगाह से जुड़े समझौते के अलावा भारत, अफगानिस्तान औऱ ईरान ने परिवहन और ट्रांजिट कॉरिडोर पर भी एक त्रिपक्षीय समझौता किया है।

Loading...

इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे क्षेत्र के इतिहास की धारा बदल सकती है। चाबहार बंदरगाह के लिए भारत 50 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाला है। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोप में जनवरी में एक समझौते के तहत इस शर्त के साथ ईरान पर से प्रतिबंध हटाए हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करेगा हालांकि व्यापार से जुड़े कुछ प्रतिबंध अभी भी कायम हैं।

बिस्वाल ने कहा कि उनका मानना है कि भारत के ईरान के साथ रिश्ते प्राथमिक तौर पर आर्थिक और ऊर्जा के मु्द्दे पर आधारित हैं और अमेरिकी प्रशासन व्‍यापारिक रास्ते के लिए भारत की जरूरतों का भली भांति समझता हैं। उन्‍होंने कहा कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में ईरान, भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्‍य एशिया का द्वार खोलता हैं। यह भारत को वह पहुंच उपलब्‍ध कराता है जो किस अभी उसके पास नहीं है।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com