भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का नाम तो आपने सुना ही होगा। लेकिन क्या आप भारत के सबसे अमीर गांव के बारे में जानते हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। ये पोस्ट है निवेश बैंकर सार्थक आहूजा। उन्होंने लिंक्डइन पर पोस्ट किया और बताया कि गुजरात के कच्छ में एक छोटा सा गांव है। इस गांव के लोगों के बैंक अकाउंट में बहुत पैसा है। ये पैसा ₹5,000 करोड़ से अधिक है।
सार्थक आहूजा की पोस्ट के अनुसार कच्छ का माधापार गांव के लोगों का पैसा 17 बैंक शाखाओं में जमा है। यह जमा राशि ₹5,000 करोड़ से अधिक की है। प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से यह दुनिया का सबसे अमीर गांव भी हो सकता है।
विदेश में रहती है गांव की 65 फीसदी आबादी
उनकी पोस्ट के अनुसार यह प्रति परिवार औसतन ₹15-20 लाख है। जिसका श्रेय मुख्य रूप से इसके वैश्विक प्रवासियों को जाता है। माधापार गांव में पटेलों और मिस्त्रियों की बहुलता है। इनकी की वजह से इस गांव की आर्थिक रूप से एक अलग पहचान बन गई है।
इसकी खासियत सिर्फ स्थानीय उद्यम ही नहीं, बल्कि प्रवासी भारतीयों का एक विशाल, बहु-महाद्वीपीय नेटवर्क भी है। इस गांव की 65% अधिक आबादी विदेशों में रहती है। यहां के लोग मुख्यतः ब्रिटेन, अमेरिका और पूरे अफ्रीका में रहते हैं।
दुनिया का सबसे अमीर गांव भारत में
वायरल पोस्ट के अनुसार माधापार में 7600 परिवारों वाला गांव है। यहां कि प्रति व्यक्ति आय ₹15-20 लाख के बीच है। इस हिसाब से यह दुनिया का सबसे बड़ा अमीर गांव भी हो सकता है। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक परिवार के पास औसतन 15-20 लाख रुपये की बैंक एफडी है। विदेश में रहने वाले इस गांव के लोग अपने घरवालों को पैसा भेजते हैं। खर्च के अलावा बचे हुए पैसों को गांववालें अपने बैंक में रखते हैं। इस निरंतर प्रवाह ने माधापार को चुपचाप दुनिया भर में सबसे बड़े प्रति व्यक्ति जमा आधारों में से एक बनाने में मदद की है।