संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के पूर्व निदेशक ने शनिवार को खाड़ी देशों से आग्रह किया कि वे डोनल्ड ट्रंप को मीडिल ईस्ट को आग का गोला बनाने से रोकें। यह आग्रह अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तेहरान को दी गई ताजा धमकी के बाद किया गया है।
1997 से 2009 तक अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का नेतृत्व करने वाले मोहम्मद अल-बरादेई ने एक्स पर खाड़ी सरकारों से अनुरोध है कि कृपया, एक बार फिर, अपनी पूरी ताकत लगा दें, इससे पहले कि यह पागल इस क्षेत्र को आग के गोले में बदल दे।
यूरोप से लगाई मदद की गुहार
अल-बरादेई ने एक अन्य पोस्ट में ट्रम्प के ईरान को दिए गए अल्टीमेटम का भी जिक्र किया कि अगर उसने कोई समझौता नहीं किया तो उसे भयंकर तबाही का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के खातों के साथ-साथ फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भी टैग किया। उन्होंने साथ ही चीनी तथा रूसी विदेश मंत्रालयों को भी टैग किया और लिखा क्या इस पागलपन को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता?
कौन है मोहम्मद अल-बरादेई?
83 वर्षीय अल-बरादेई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर शुरू हुए सार्वजनिक विवाद के शुरुआती दौर में IAEA का नेतृत्व किया था, जो मिस्र के पूर्व उपराष्ट्रपति भी रह चुके हैं।
उन्हें और उनकी संस्था को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए, वर्ष 2005 में संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
ट्रंप की धमकी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के पास समझौता करने या होर्मुज खोलने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। याद रखना, मैंने ईरान को 10 दिन का समय दिया था, या तो समझौता करे या होर्मुज को खोले। अब समय तेजी से खत्म हो रहा है, और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूटेगा।
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