पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का आगाज 26 मार्च से होने जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत से पहले ही इस लीग पर संकट के काले बादल गहरा गए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अक्ष्यक्ष मोहसिन नकवी ने कई ऐसे बड़े चौकाने वाले बदलाव किए हैं, जिसने लीग की चमक फीकी कर दी है। इन फैसलों के बाद सोशल मीडिया पर पीसीबी की जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है।
इस टूर्नामेंट पर पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष का सीधा असर पड़ा है। अमेरिका , इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे एशिया में ईंधन की भारी किल्लत पैदा कर दी है। पाकिस्तान इस समय गंभीर संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण सरकार को सख्त पाबंदियां लगानी पड़ी हैं। पीएसएल का पूरा टूर्नामेंट अब बिना दर्शकों के खेला जाएगा।
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL 2026
PCB चीफ मोहसिन नकवी ने लाहौर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की रिक्वेस्ट पर ये फैसला लिया गया कि पीएसएल में फैंस को लाइव मैच देखने की इजाजत नहीं मिलेगी।
नकवी के अनुसार, “ईंधन संकट को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वर्क-फ्रॉम-होम लागू है और ईद की छुट्टियां भी बढ़ा दी गई हैं। युद्ध कब तक चलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।”
सुरक्षा एजेंसियों के साथ लंबी चर्चा के बाद यह तय किया गया कि लीग को रद करने के बजाय इसे बिना दर्शकों के आयोजित किया जाए।
आइसलैंड क्रिकेट का तीखा तंज
अपने मजाकिया अंदाज के लिए मशहूर ‘आइसलैंड क्रिकेट’ ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट किया जो तुरंत वायरल हो गया। उन्होंने लिखा, “PSL आ रहा है और ये करोड़ों फैंस के लिए रोमांचक है। हम हमेशा सोचते थे कि PSL का मतलब क्या है, अब पता चला कि यह ‘पेट्रोल शॉर्टेज लीग’ (Petrol Shortage League) है।”
इस कमेंट के बाद #PetrolShortageLeague सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। फैंस ने इस हैशटैग का इस्तेमाल कर पीसीबी की जमकर खिंचाई की।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक और दावा किया है। उनका कहना है कि असली वजह सिर्फ पेट्रोल की कमी नहीं, बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सैन्य तनाव है, जिसकी वजह से सुरक्षा कारणों से ये पाबंदियां लगाई गई हैं।
पीसीबी ने मजबूरी में उठाया ये कदम
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लाहौर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि दर्शकों के बिना मैच कराने का फैसला कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सीधी अपील पर आधारित एक बड़ी मजबूरी है। नकवी ने स्पष्ट किया कि संसाधन इस समय बेहद कीमती हैं और उन्हें फिजूलखर्ची में नहीं उड़ाया जा सकता।
शुरुआत में यह टूर्नामेंट 6 शहरों में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ दो शहरों-लाहौर और कराची तक सीमित कर दिया गया है। यह फैसला संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए लिया गया है ताकि टीमों और स्टाफ की ट्रैवलिंग कम से कम हो सके। इस फैसले का सबसे बड़ा असर पेशावर के क्रिकेट फैंस पर पड़ा है।
28 मार्च को पेशावर में इतिहास का पहला पीएसएल मैच खेला जाना था, जिसका वहां के फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब पेशावर से मेजबानी छिन जाने के कारण वहां के फैंस का दिल टूट गया है। मोहसिन नकवी ने इसके लिए माफी मांगते हुए इसे देशहित में लिया गया एक ‘कठिन फैसला’ बताया है।
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