Patanjali Wellness में हर सांस बनती है उपचार

हमारा शरीर और मन हमारे नियंत्रण में नहीं है, यही कारण है कि हम मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान रहते हैं। यह समस्या उन लोगों में अधिक है, जो महानगरों का जीवन जी रहे हैं और पूरा समय उनका ऑफिस या घरेलू उलझनों में उलझकर तनावग्रस्त होता जा रहा है। तो वहीं, कईयों की खान-पान की गलत आदतों और बुरी संगत ने मानसिक शांति भी भंग कर दी है। शारीरिक और मानसिक अशांति के शिकार हो चुके ऐसे लोगों के शरीर और मन की हीलिंग के लिए Patanjali Wellness (हरिद्वार) एक जीवनदायनी केंद्र बनकर सामने आया है, जहां देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग पारंपरिक और प्राकृतिक उपचारों के मेल से अपने जीवन में नई ऊर्जा के संचार की आस लेकर आ रहे हैं।

Patanjali Wellness – नेचुरोपैथी (पुरानी भारतीय उपचार कला), योग (मन और शरीर का संतुलन), पंचकर्म (बॉडी डिटॉक्स) और कई रिलैक्सिंग थैरेपीज का एक अनोखा संगम है। ये सभी उपचार अनुभवी डॉक्टरों और थेरेपिस्ट की देखरेख में, एक साफ-सुथरे, प्रकृति के अनुकूल और शानदार वातावरण में दिए जाते हैं। सात या पंद्रह दिवसीय इस सत्र में आने वाले विजिटर्स का अनुभव बेहद सुखद रहता है, बात चाहे ट्रीटमेंट की हो, स्टाफ की हो या फिर एटमॉस्फेयर की। इसमें विजिटर्स के लिए साधारण से लेकर लग्जरी रूम की व्यवस्था की गई, जिसे सेवा सदन का नाम दिया गया है। इसमें अलग-अलग बिल्डिंग को प्राचीन भारतीय ऋषियों के नाम पर रखा गया है, जहां सादा आश्रम जैसा जीवन और शानदार फाइव-स्टार सुख-सुविधाएं, दोनों तरह के एक्सपीरियंस मिलते है।

कैंपस में बना प्रसादम (कैंटीन) में आहार के लिए होलिस्टिक और आयुर्वेदिक डाइट पर पूरा ध्यान दिया जाता है, जो एक प्राकृतिक और सातविक फूड होता है। इसमें व्हीटग्रास, एलोवेरा, पेठा, पालक-टमाटर के जूस होते हैं। लौकी और मूंग दाल के सूप होते हैं। मरीजों को जौ और बाजरे का दलिया दिया जाता है। इसके साथ ही अन्य पौष्टिक आहारों का भी प्रबंध है।

सुबह चार बजे से ही वातावरण आध्यात्मिक होने लगता है और चारों ओर भजन-कीर्तन की ध्वनियां गूंजने लगती हैं। यहां आए श्रद्धालु अपने दिन की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में करते हैं, वे स्नान आदि से निवृत्त होकर योग भवन की ओर जाते हैं, जहां बाबा रामदेव के मार्गदर्शन में दो घंटे का योग और ध्यान सत्र चलता है। सुबह के इस शांत परिवेश में एक आत्मिक ऊर्जा महसूस होती है, जहां आए लोग भागदौड़ भरी दुनिया को भूलकर जीवन जीने की कला सीखते हैं।

फिर सुबह 7:30 से 8:30 बजे के बीच हल्का और हेल्दी ब्रेकफास्ट दिया जाता है। यह आहार पाचन के लिए उत्तम होता है और शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है। ब्रेकफास्ट के बाद कुछ शारीरिक गतिविधियां और ध्यान कराया जाता है, जिससे एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है। दिन का मुख्य भोजन दोपहर 1:30 बजे मिलता है, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित रखा जाता है। इसके बाद विजिटर्स को विश्राम के लिए समय दिया जाता है, ताकि शरीर को आराम मिल सके। शाम को योग, टहलना और आपसी वार्तालाप होता है, जिसके बाद रात को हल्का भोजन दिया जाता है। अंत में, सभी रात 10 बजे से पहले ध्यान लगाकर सो जाते हैं। लगातार एक हफ्ते तक चलने वाला यह रूटीन शरीर को राहत देता है, मन को शांत करता है और जीवन को नई सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

Patanjali Wellness सेंटर के जरिए पतंजलि का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है, जिसके लिए यह प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को फिर से जीवित कर उन्हें सभी के लिए उपलब्ध करा रहा है। यह योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) के मेल से लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति और समृद्धि प्रदान कर रहा है। आज Patanjali Wellness के सेंटर भारत के अलग-अलग जगहों पर हैं, जहां स्ट्रेस, बुरी आदतों और प्रदूषण से शरीर को हुए नुकसान को ठीक कर उसे नया जीवन दिया जाता है।

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