अगस्त का महीना खत्म होने को है, बस कुछ ही घंटों में सितंबर दस्तक देने वाला है। आने वाला यह महीना सिर्फ कैलेंडर नहीं बदलेगा बल्कि देशभर में आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को छूने वाले कई बड़े बदलाव लेकर आ आएगा।
आपके घर की रसोई से बैंक खाते और विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों तक सितंबर में कई अहम नियम, दरें और व्यवस्थाएं बदलने वाली हैं।
कुछ बदलाव राहत दे सकते हैं, तो कुछ जेब पर एक्स्ट्रा बोझ डाल सकता हैं। खाने-पीने की चीजों की कीमतों से लेकर बैंकिंग सेवाओं के शुल्क और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़े प्रावधानों तक हर मोर्चे पर असर पड़ने वाला है।
सितंबर का महीना आखिर आपकी जेब पर कितना और किस तरह असर डालेगा? कौन से बदलाव फायदेमंद साबित होंगे और किनसे सावधान रहना होगा? इन सभी सवालों के जवाब हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं। बने रहिए हमारे साथ और जानिए सितंबर की पूरी तस्वीर।
1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बड़ी राहत
भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया अब और आसान होने वाली है। 1 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान अपने बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी। इस बदलाव से प्रस्थान प्रक्रिया में एक अतिरिक्त कदम खत्म हो जाएगा और यात्रा का अनुभव आसान बनेगा।
ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने यात्रियों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को तेज और ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए यह बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत, यात्री अपने फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखा सकते हैं, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारी अब बोर्डिंग पास पर स्टैम्प नहीं लगाएंगे।
1 सितंबर से बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टैम्प लगाने की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। अब तक, इंटरनेशनल यात्रियों से इमिग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान बोर्डिंग पास दिखाने के लिए कहा जा सकता था, और इमिग्रेशन अधिकारी प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर उस दस्तावेज पर स्टैम्प लगाते थे।
आईटीआर डेड लाइन खत्म
फाइनेंस एक्ट 2026 के जरिए इनकम टैक्स एक्ट 1961 में हुए बदलावों से शुरू नए रिटर्न-फाइलिंग कैलेंडर के तहत बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम वाले गैर-ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। सामान्य टैक्सपेयर्स के लिए यह 31 जुलाई थी।
जो अभी तक फाइल नहीं कर पाए, उन्हें 1 सितंबर का इंतजार नहीं करना चाहिए। देर होने पर वे AY 2026-27 के लिए 31 दिसंबर 2026 या असेसमेंट पूरा होने से पहले (जो पहले हो) बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। देरी शुल्क ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 होगा।
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