कोलकाता से मिली हार को भुला कर हैदराबाद की टीम शुक्रवार को राजस्थान के खिलाफ जीत के साथ टूर्नामेंट में वापसी करना चाहेगी। वहीं, राजस्थान की टीम पंजाब से मात खाने के बाद इंडियन टी-20 लीग के मौजूदा सत्र में पहली जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकबला रात आठ बजे शुरू होगा।
टूर्नामेंट में राजस्थान का सफर विवादित तरीके से शुरू हुआ। टीम के सलामी बल्लेबाज जोस बटलर इंडियन टी-20 लीग के इतिहास में ‘मांकड़िग’ के शिकार होने वाले पहले बल्लेबाज बने जब पंजाब के कप्तान आर अश्विन ने मैच के दौरान विवादित ढंग से उन्हें आउट किया ।
राजस्थान की टीम जीत के लिए 185 रन का पीछा कर रही थी और बटलर उस समय 43 गेंद में 69 रन बनाकर खेल रहे थे जब अश्विन ने उन्हें चेतावनी दिए बिना मांकडिंग से आउट किया। बटलर के आउट होते ही मैच का रूख बदल गया और पंजाब ने इस मुकाबले को 14 रन से जीत लिया।
सलामी बल्लेबाज के तौर पर बटलर शानदार लय में दिखे लेकिन वह बल्लेबाजी विभाग में अजिंक्य रहाणे, संजू सैमसन, स्टीव स्मिथ और बेन स्टोक्स से और अधिक मदद की उम्मीद करेंगे। खासकर स्मिथ से, जो गेंद से छेड़छाड विवाद के कारण आईपीएल के पिछले सत्र में नहीं खेल पाए थे। स्मिथ खुद भी आगामी वन-डे विश्व कप से पहले क्रीज पर अधिक समय बिताना चाहेंगे।
धवल कुलकर्णी और स्पिनर कृष्णप्पा गौतम ने किंग्स इलेवन के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की लेकिन बेन स्टोक्स और जयदेव उनादकट ने काफी रन लुटाए। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने चार ओवरों में सिर्फ 17 रन दिए। वह खतरनाक दिखे रहे थे लेकिन विकेट नहीं चटका सके।
राजस्थान की तरह ही हैदराबाद की टीम भी अपने अभियान की शुरूआत मन मुताबिक नहीं कर सकी। उसे सत्र के पहले मैच में कोलकाता के हाथों छह विकेट से शिकस्त मिली। डेविड वॉर्नर की मौजूदगी में हैदराबाद की बल्लेबाजी मजबूत दिख रही थी लेकिन अंतिम के ओवरों में खराब गेंदबाजी के कारण टीम ने कोलकाता के खिलाफ मैच गंवा दिया।
गेंद से छेड़छाड़ के कारण एक साल के प्रतिबंध के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने के बाद वॉर्नर फॉर्म में हैं, जिन्होंने केकेआर के खिलाफ 53 गेंदों पर 85 रनों की धुआंधार पारी खेली। हैदराबाद को पता है कि कप्तान केन विलियमसन, जॉनी बेयरस्टो, विजय शंकर, मनीष पांडे, यूसुफ पठान और शाकिब अल हसन जैसे बल्लेबाजों की मौजूदगी के बाद भी टीम की सफलता काफी हद तक वॉर्नर की सफलता पर निर्भर करेगी।
भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में हैदराबाद की गेंदबाजी इकाई ने रविवार को मैच के अधिकांश भाग में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन आखिरी तीन ओवरों में आंद्रे रसेल की तूफानी पारी ने उन्हें जीत से दूर कर दिया। कोलकाता को जीत के लिए अंतिम तीन ओवरों में 53 रनों की जरूरत थी।
रसेल को भुवनेश्वर और सिद्धार्थ कौल की गेंद पर बड़े शाट खेले इसके बाद शाकिब की अंतिम ओवर में युवा शुभमन गिल ने करारे प्रहार कर सनराइजर्स को जीत दर्ज करने से रोक दिया। भुवनेश्वर और राशिद खान की अगुवाई में टीम राजस्थान के खिलाफ अंतिम ओवरों में बेहतर गेंदबाजी करना चाहेगी।