आइएनएस विक्रांत जो हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना की आक्रामक क्षमता का नेतृत्व कर रहा था, 18 फरवरी से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आइएफआर) में प्रमुख आकर्षण बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत के इस स्वदेशी विमानवाहक पोत ने अपनी ताकत से दुश्मनों को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उत्तरी अरब सागर में तैनात विक्रांत विमानवाहक पोत ने देश के दुश्मन पर दबाव बनाने की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इससे पाकिस्तानी नौसेना को रक्षात्मक रुख अपनाने और तत्काल युद्धविराम का अनुरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह विमानवाहक पोत 262.5 मीटर लंबा और 61.6 मीटर चौड़ा है।
आइएनएस विक्रांत 28 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त कर सकता है। इसमें महिला अधिकारियों सहित लगभग 1,600 कर्मियों के रहने की व्यवस्था है।
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