एक्जिट पोल की मानें तो महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस बार भाजपानीत गठबंधन महायुति का झंडा लहराने जा रहा है।
गुरुवार को हुए बीएमसी चुनावों के परिणाम शुक्रवार को आएंगे। उससे पहले एक्सिस माय इंडिया और अन्य एग्जिट पोल के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि मुंबई की सत्ता पर महायुति का कब्जा होने जा रहा है।
इन आंकड़ों ने न केवल विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है, बल्कि उद्धव ठाकरे के ‘मराठी मानुष’ कार्ड और राज ठाकरे के साथ उनके गठबंधन के दावों पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
विभिन्न एग्जिट पोल के विश्लेषण के अनुसार, मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की 227 सीटों में से भाजपानीत महायुति को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है।
महायुति को मुंबई बीएमसी में स्पष्ट बहुमत का अनुमान
एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के मुताबिक, महायुति को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है, जबकि JVC एग्जिट पोल ने महायुति को करीब 138 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया है।
बीएमसी चुनावों में एक-एक वार्ड का विश्लेषण करनेवाली प्रजा पोल एनालिटिक्स ने महायुति को 146 सीटें मिलने का दावा किया है। बहुमत का आंकड़ा 114 है। सभी एक्जिट पोल्स में महायुति इससे काफी आगे नजर आ रही है।
मुंबई की राजनीति में लगभग दो दशक बाद एक साथ आए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के लिए ये नतीजे किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। एक्जिट पोल के मुताबिक, ठाकरे बंधुओं के गठबंधन को महज 58 से 68 सीटें ही मिलने की उम्मीद जताई गई है।
ठाकरे बंधुओं के गठबंधन को एक्जिट पोल से बड़ा झटका
ठाकरे बंधुओं द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ विरोध और ‘मराठी कार्ड’ का मुद्दा मतदाताओं को प्रभावित करने में असफल रहा दिखता है। वहीं, कांग्रेस की हालत और भी पतली नजर आ रही है, जिसके सिर्फ 12 से 23 सीटों के बीच सिमटने का अनुमान है।
अगर ये एक्जिट पोल नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह मुंबई के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार देश की सबसे समृद्ध महानगरपालिका पर भाजपा अपना महापौर बना ले जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के सुधारों को मतदाताओं ने सराहा है। एक्सिस माय इंडिया के अनुसार 44 प्रतिशत महिलाओं ने महायुति के पक्ष में मतदान किया है।
मतदाताओं ने ‘डबल इंजन’ विकास मॉडल पर जताया भरोसा
मुंबई की चॉलों में रहने वाले 57 प्रतिशत और इमारतों में रहने वाले 29 प्रतिशत मतदाताओं का झुकाव महायुति की ओर रहा है। मतदाताओं ने विरासत की राजनीति के बजाय महायुति के ‘डबल इंजन’ विकास मॉडल पर अधिक भरोसा जताया है।
हालांकि, विपक्षी नेताओं ने एक्जिट पोल के इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा के नेताओं का कहना है कि जमीनी हकीकत इन सर्वेक्षणों से बिल्कुल अलग है।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों और हरियाणा विधानसभा के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि एग्जिट पोल अक्सर गलत साबित होते हैं। फिलहाल एक्जिट पोल के रुझानों ने महायुति खेमे में जश्न का माहौल बना दिया है।
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