उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा निकाली गई 250 इलेक्ट्रिक बसों (150 टाइप-III और 100 टाइप-II) की खरीद प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिवहन निगम द्वारा जारी किए गए शुद्धिपत्र में बसों के कुछ तकनीकी मानकों में किए गए बदलावों पर सवाल उठने लगे हैं। मामला तब और गरमा गया जब देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने इन बदलावों और टेंडर की शर्तों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
सूत्रों के मुताबिक, निगम की ओर से जारी नए संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक बसों की ड्राइविंग रेंज को 350 किलोमीटर से घटाकर 250 किलोमीटर कर दिया गया है। इसके अलावा एयर कंडीशनिंग क्षमता और बस की मानक लंबाई जैसे कई अन्य तकनीकी पहलुओं में भी ढील दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइविंग रेंज कम होने से लंबी दूरी के रूटों पर बसों के संचालन में बार-बार चार्जिंग की समस्या आ सकती है। दूसरी तरफ, टाटा मोटर्स ने राज्य की सड़कों के अनुकूल सस्पेंशन सिस्टम के विकल्पों को लेकर जो व्यावहारिक सुझाव दिए थे, उन्हें स्वीकार नहीं किया गया है।
टाटा मोटर्स का लखनऊ में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है और कंपनी ने राज्य में व्यापक औद्योगिक निवेश किया हुआ है। ऐसे में कंपनी का पक्ष है कि टेंडर शर्तों को इस तरह तय किया जाना चाहिए ताकि सभी स्वदेशी और योग्य कंपनियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कंपनी की ओर से राज्य शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर प्रक्रिया की समीक्षा करने और तकनीकी मानकों को बेहतर बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal