इजरायल में चुनाव से ठीक एक दिन पहले पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और IDF चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर के बीच सैन्य अभियान को लेकर मतभेद की खबर है। ऐसी अटकलें हैं यह संभावित सैन्य कार्रवाई ईरान पर एक नए हमले से जुड़ी हो सकती है।
संभावित अभियान पर IDF चीफ ने मांगी कानूनी मंजूरी
इजरायली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने प्रस्तावित अभियान को आगे बढ़ाने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू से और अधिक चर्चा करने और लिखित कानूनी मंजूरी की मांग की है।
सेना के सूत्र के मुताबिक यह कदम सीधे तौर पर ईरान के साथ तनाव को भड़का सकता है। ऐसे में संवेदनशील समय पर किसी भी गलत फैसले का बड़ा जोखिम हो सकता है।
कुछ अन्य अज्ञात सूत्रों ने यह आशंका भी जताई है कि राजनीतिक नेतृत्व चुनाव में बढ़त हासिल करने के लिए ईरान के मुद्दे का इस्तेमाल कर सकता है।
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में इन मतभेदों और आरोपों को बकवास कहकर खारिज कर दिया। हालांकि, इससे पहले उन्होंने टीवी पर दिए एक बयान में कहा था कि उन्होंने IDF और मोसाद को ईरानी शासन को गिराने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू का खुलकर किया समर्थन
इस राजनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खुलकर समर्थन किया। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए मतदाताओं से मंगलवार के चुनाव में उनका साथ देने की अपील की।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ इजरायल के लोग जिन्होंने इसे नहीं देखा है, उनके लिए मैं वह समर्थन पत्र फिर से साझा कर रहा हूं जो मैंने एक हफ्ते पहले आपके प्रधानमंत्री, बीबी नेतन्याहू को दिया था। जैसा कि सभी जानते हैं यहां तक कि हमारे दुश्मन भी बीबी और मेरे बीच एक बेहतरीन तालमेल रहा है, जिससे हमने मिलकर जीत हासिल की है। जब आप वोट डालने जाएं, तो कृपया याद रखें कि बीबी एक असाधारण ‘योद्धा प्रधानमंत्री’ रहे हैं ।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर आगे लिखा, ‘कुछ लोगों ने इजरायल को छोटा शैतान और अमेरिका को बड़ा शैतान कहा था। अब दुनिया भर में अमेरिका मुर्दाबाद, इज़राइल मुर्दाबाद के नारे नहीं सुनाई देने चाहिए, और न ही सुनाई देंगे। प्रधानमंत्री पद के लिए बीबी नेतन्याहू को वोट दें, हमें उस काम को पूरा करना है जिसे हमने शुरू किया था।’
AI से बनी परमाणु विस्फोट की तस्वीर से दी चेतावनी
चुनाव से ठीक दो दिन पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर AI द्वारा तैयार एक तस्वीर साझा की, जिसमें तेल अवीव शहर में परमाणु विस्फोट होते हुए दिखाया गया।
दक्षिणपंथी कार्यकर्ता युवल ब्लमबर्ग के बयानों का हवाला देते हुए नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि यदि मतदाताओं ने किसी अन्य को चुना, तो इजरायल के अस्तित्व पर गंभीर संकट आ सकता है और देश दूसरे होलोकॉस्ट के मुहाने पर पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ट्रंप के वर्तमान कार्यकाल का बचा हुआ समय ही ईरान के परमाणु खतरे से निपटने का सबसे मुफीद अवसर है।
सर्वे में कांटे की टक्कर
इजरायल में इस बार प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। 23 अक्टूबर को जारी हुए मंगलवार के चुनावों के अंतिम अनुमानों के मुताबिक राजनीतिक गतिरोध बना रहेगा। मतदान के बाद न तो सत्ताधारी गठबंधन और न ही विपक्षी गुट को सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन मिलने की उम्मीद है।
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