कई बार जिंदगी में ऐसा वक्त आता है जब परेशानियां हमें चारों तरफ से घेर लेती हैं। तब ईश्वर ही उसका इकलौता और आखिरी सहारा होते हैं। मुश्किल समय में भगवान को याद करने से न सिर्फ हिम्मत मिलती है, बल्कि रास्तों की रुकावटें भी दूर होने लगती हैं।
हिंदू धर्म में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित ‘रामचरितमानस’ को बहुत पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। इसकी चौपाइयों में इतनी शक्ति है कि वे इंसान को बड़े से बड़े संकट से बाहर निकाल सकती हैं। आइए उन 24 चौपाइयां को पढ़ते हैं जो आपकी परेशानियों का सटीक हल हैं:
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए
जिमि सरिता सागर मंहु जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख संपत्ति बिनहि बोलाएं। धर्मशील पहिं जहि सुभाएं।।
मुश्किलों में सफलता पाने के लिए
राजिव नयन धरैधनु सायक। भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।।
सुख-शांति के लिए
सुनहि विमुक्त बिरत अरू विबई। लहहि भगति गति संपति नई।।
आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए
सब नर करहिं परस्पर प्रीती। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीती।।
रिद्धि-सिद्धि के लिए
साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहि सिद्धि अनिमादिक पाएं।।
दरिद्रता दूर करने के लिए
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के। कामद धन दारिद्र दवारिके।।
परीक्षा में पास होने के लिए
जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी। कवि उर अजिर नचावहिं बानी।।
मोरि सुधारहिं सो सब भांती। जासु कृपा नहिं कृपा अघाती।।
अकाल मृत्यु से बचने के लिए
नाम पाहरू दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट। लोचन निज पद जंत्रित प्रान केहि बात।।
रोगों से मुक्ति के लिए
दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम काज नहिं काहुहिं व्यापा।।
धन-संपत्ति पाने के लिए
जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं। सुख सम्पत्ति नानाविधि पावहिं।।
खोई हुई चीज वापस पाने के लिए
गई बहारे गरीब नेवाजू। सरल सबल साहिब रघुराजू।।
विद्या (पढ़ाई) के लिए
गुरु ग्रह गए पढ़न रघुराई। अलपकाल विद्या सब आई।।
वाद-विवाद/शास्त्रार्थ में जीत के लिए
तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा। आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।।
ज्ञान प्राप्ति के लिए
तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा। आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।।
भगवान से माफी मांगने के लिए
अनुचित बहुत कहेउं अग्याता। छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।।
दुश्मन को दोस्त बनाने के लिए
वयरू न कर काहू सन कोई। रामप्रताप विषमता खोई।।
शोहरत प्रसिद्धि पाने के लिए
साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।।
अच्छी बारिश की कामना के लिए
सोइ जल अनल अनिल संघाता। होइ जलद जग जीवनदाता।।
शीघ्र विवाह के लिए
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साज संवारि कै। मांडवी श्रुतिकीरित उरमिला कुंअरि लई हंकारि कै।।
सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदय राखि कौशलपुर राजा।।
भूत-प्रेत का डर भगाने के लिए
प्रनवउ पवन कुमार खल बन पावक ग्यान धुन। जासु हृदय आगार बसहि राम सर चाप घर।।
कोर्ट-कचहरी में जीत के लिए
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि विवके बिग्यान निधाना।।
जहर का असर खत्म करने के लिए
नाम प्रभाऊ जान सिव नीको। कालकूट फलु दीन्ह अमी को।।
संतान (पुत्र) प्राप्ति के लिए
प्रेम मगन कौशल्या निसिदिन जात न जान। सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान।।
कैसे करें इसका पाठ?
ये चौपाइयां मात्र कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि इनमें ईश्वर की असीम शक्ति छिपी है। सुबह स्नान करने के बाद, शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान राम का ध्यान करते हुए अपनी जरूरत के अनुसार इन चौपाइयों का 108 बार पाठ करें। विश्वास रखिए, आपकी हर मनोकामना जरूर पूरी होगी।
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