यूएसएफडीए ने नियमों के उल्लंघन को लेकर डाबर को पत्र लिखकर चेताया

अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) ने डाबर इंडिया को चेतावनी पत्र जारी किया है। इसमें सिलवासा में कंपनी की दवा निर्माण संयंत्र में मौजूदा अच्छी निर्माण पद्धतियों या करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेस (सीजीएमपी) के नियमों का गंभीर उल्लंघन का जिक्र किया गया है।

यूएसएफडीए द्वारा सिलवासा (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव) में कंपनी की संयंत्र में जांच के बाद जारी किया गया है। पत्र मिलने के बाद 15 कार्यदिवसों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।

पूछा गया है कि कंपनी नियमों के उल्लंघन को ठीक करने और उन्हें दोबारा होने से रोकने के लिए क्या किया है।डाबर इंडिया के सीईओ मोहित मल्होत्रा को लिखे पत्र में यूएसएफडीए ने डाटा में गड़बड़ी, अपर्याप्त निगरानी और मैन्युफैक्चरिंग कंट्रोल में खामियों की ओर इशारा किया है।

यूएसएफडीए के जांचकर्ता को पता चला कि कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग लाइन के लिए जो इक्विपमेंट यूसेज लॉगबुक उपलब्ध कराई, उसमें हेरफेर की गई थी।

इक्विपमेंट यूसेज लॉगबुक का उपयोग किसी मशीन, उपकरण के इस्तेमाल की तारीख, समय, कार्य का विवरण, और उसे चलाने वाले व्यक्ति की जानकारी दर्ज करने के लिए किया जाता है।

लैब कंट्रोल में कमियों का भी जिक्र किया। रिकॉर्ड अधूरे थे और अमेरिका में बेचे जाने वाले कई बैच के दवा के लिए सपोर्टिंग टेस्ट प्रोसेस, वर्कबुक और डाटा शीट उपलब्ध नहीं थे। माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग रिकॉर्ड में कमियां थीं।

डाबर ने अपनी कमियों को माना है और सुधार के उपाय करने का वादा किया। इन उपायों में कर्मचारियों को फिर से ट्रेनिंग देना, डॉक्यूमेंटेशन के तरीकों में बदलाव करना शामिल था, लेकिन यूएसएफडीए ने इस जवाब को हर तरह से नाकाफी बताया और कहा कि इसमें क्वालिटी और डाटा से जुड़ी कमियों की बुनियादी वजहों को ठीक करने की कोशिश नहीं की गई।

यूएसएफडीए ने पांच जून, 2026 से सिलवासा संयंत्र की सभी दवाओं और दवा को इंपोर्ट अलर्ट 66-40 के तहत डाल दिया और कंपनी को सलाह दी कि वह अपने कामकाज का पूरी तरह से ऑडिट करने के लिए स्वतंत्र सीजीएमपी कंसल्टेंट की मदद ले।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com