वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 03 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। यह दिन महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस अवसर पर कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए और विवाहित महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और सच्चे मन से महादेव की पूजा-अर्चना करती हैं।
इस दिन गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से साधक के जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि सावन सोमवार के दिन गन्ने के रस से कैसे करें रुद्राभिषेक?
रुद्राभिषेक में इन चीजों को करें शामिल
ताजा गन्ने का रस, चांदी, पीतल या तांबे का लोटा , गंगाजल और शुद्ध जल, अक्षत, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और शमी के पत्ते, धूप, दीप
सावन सोमवार रुद्राभिषेक विधि (Sawan Somwar Rudrabhishek Vidhi)
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
इसके बाद मंदिर की सफाई करें।
शिवलिंग पर थोड़ा जल अर्पित करें।
इसके बाद गन्ने का रस को कलश में भरें।
अब दोनों हाथों से कलश पकड़कर शिवलिंग पर अर्पित करें।
इस दौरान ॐ नमः शिवाय’ या ‘ॐ ह्रीं श्रीं शिवाय नमः’ मंत्र का सच्चे मन से जप करें।
जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
अब साफ जल से अभिषेक करें और सफेद चंदन से त्रिपुंड बनाएं।
बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएं।
देसी घी के दीपक जलाकर आरती करें।
शिव चालीसा का पाठ करें।
फल और मिठाई का भोग लगाएं।
आखिरी में लोगों में प्रसाद बाटें।
मिलते हैं ये लाभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार के दिन गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से भक्त को शुभ फल मिलता है और व्यापार और करियर में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
साथ ही गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से क्लेश की समस्या से छुटकारा मिलता है और पारिवारिक शांति बनी रहती है।
शिवलिंग का गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। साथ ही भक्त की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
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