राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के नए न्यासियों को नामित करने से पहले राज्य सरकार सतर्कता बरत रही है। डेढ़ साल पहले जा चुके प्रस्ताव में कई फेरबदल हो गए हैं। फाइल मंदिर प्रशासन से मुख्यमंत्री कार्यालय और वहां से पीएमओ तक भेजी जा चुकी है। नए न्यासी विवादित न हों, अच्छा चरित्र और किसी तरह की वित्तीय अनियमितता आदि का आरोप न लगा हो इसकी बाकायदा पड़ताल की जा चुकी है। दरसअल 2024 में विश्वनाथ धाम के एक न्यासी पर 25-25 हजार रुपये लेकर दर्शन कराने का आरोप लगा था।
स्थानीय स्तर पर जांच एजेंसियों के सहारे संभावित न्यासियों की पूरी पड़ताल की जा रही है। वहीं, नए न्यास के प्रस्ताव, सुझावों पर मंदिर और शासन के बीच कई पत्राचार हो चुके हैं। नई आख्या रिपोर्ट के साथ कई बार नए प्रस्ताव भेजे गए। साथ ही नए सिरे से आवेदन मांगे जा चुके हैं। फिलहाल अभी तक अध्यक्ष सहित पांच सदस्यों के नामों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
किसी से सीधे बात नहीं, खुफिया जानकारी जुटाकर शासन को भेजी जा रही
अध्यक्ष सहित सभी पांच सदस्यों के प्रस्ताव और उससे जुड़ी हर तरह की जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं। इस प्रक्रिया में किसी न्यासी से सीधे मिलकर बातचीत नहीं की जा रही है। खुफिया तौर पर उनकी जानकारियां जुटाकर शासन को भेजी जा रहीं हैं। यदि सभी जानकारियां दुरुस्त रहीं और जांच की रिपोर्ट ठीक मिली, तो महीने भर में ही नए न्यासियों की घोषणा कर दी जाएगी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, राम मंदिर प्रकरण के बाद सभी धर्म स्थलों को लेकर एक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
ये होते हैं पदेन सदस्य
बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में शृंगेरी मठ के शंकराचार्य, राज्य वित्त सचिव, धर्मार्थ कार्य विभाग के सचिव, विधि विभाग के सचिव, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पदेन सदस्य होते हैं। इसी तरह राज्य सरकार अध्यक्ष और पांच सदस्यों को नामित करती है।
क्या बोले अधिकारी
नए न्यासियों या प्रक्रिया से जुड़ा फैसला अभी किस स्तर पर है ऐसी कोई जानकारी हमारे पास नहीं है। हालांकि कई बार विभाग से पत्राचार हुआ है। नए सिरे से प्रस्ताव भी जा चुका है। -विश्वभूषण मिश्रा, सीईओ, काशी विश्वनाथ मंदिर
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