केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और सांसद लुंबा राम को एनएचबी स्कीम के तहत मिली सब्सिडी

सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि केंद्रीय मंत्री भगीरथ चौधरी और राजस्थान के भाजपा सांसद लुंबाराम को पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता मिली थी। हालांकि भारी राजनीतिक दबाव के बाद चौधरी ने खीरा की खेती के लिए मिले 99.6 लाख रुपये की सब्सिडी वापस कर दी है।

लुंबा राम को नीबू की खेती के लिए 4.2 लाख रूपये मिले थे। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं के तहत पात्र किसानों और उद्यमियों को व्यावसायिक बागवानी, संरक्षित खेती, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और शीत भंडार अवसंरचना के विकास के लिए सब्सिडी के रूप में आर्थिक मदद दी जाती है।

सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा सांसद लुंबा राम को पिछले पांच वर्षों में नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड (एनएचबी) की एक स्कीम के तहत आर्थिक सहायता मिली थी। हालांकि चौधरी ने सब्सिडी वापस कर दी है।

लोकसभा में एक लिखित जवाब में कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि एनएचबी की स्कीम के तहत आर्थिक सहायता पात्र किसानों और उद्यमियों को बागवानी, संरक्षित खेती, फसल की कटाई के बाद प्रबंधन और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए दी जाती है।

मंत्री ने उन मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और उनके करीबी परिवार के सदस्यों का विवरण दिया, जिन्हें पिछले पांच वर्षों के दौरान एनएचबी की स्कीमों के तहत आर्थिक सहायता मिली है।

सूची के अनुसार, लुंबा राम (सिरोही, राजस्थान के सांसद) को 2025 में और भागीरथ चौधरी (केंद्रीय मंत्री और अजमेर, राजस्थान के सांसद) को 2026 में आर्थिक सहायता मिली।

ठाकुर ने बताया कि भागीरथ चौधरी ने सूचित किया है कि उन्होंने बैंक को सब्सिडी वापस कर दी है। मंत्री ने यह भी कहा कि एनएचबी स्कीम के मौजूदा दिशा निर्देशों में सार्वजनिक पदाधिकारियों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा जमा किए गए आवेदनों के संबंध में हितों के टकराव या स्वयं को अलग करने के बारे में कोई विशिष्ट प्रविधान नहीं है।

वह लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जो यह जानना चाहते थे कि क्या पिछले पांच वर्षों के दौरान किसी मौजूदा केंद्रीय मंत्री, सांसद या उनके करीबी परिवार के सदस्यों को एनएचबी की स्कीम के तहत सब्सिडी मिली है।

विस्तार से बताते हुए ठाकुर ने कहा कि ये स्कीम सभी पात्र आवेदकों के लिए खुली हैं, जिनमें व्यक्ति, पार्टनरशिप, कंपनियां, सहकारी समितियां और अन्य पात्र कानूनी संस्थाएं शामिल हैं, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।

उन्होंने कहा कि स्कीम के तहत प्रोजेक्ट की जमीन आवेदक के स्वामित्व में होनी चाहिए या कम से कम दस साल की अवधि के लिए लीज पर होनी चाहिए, जिसका राजस्व रिकार्ड में विधिवत उल्लेख हो।

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