अमेरिका पर $39 ट्रिलियन का कर्ज बढ़ाएगा सोने की चमक, ₹1.85 लाख के पार पहुंचेगा भाव!

अगर आपको लगता है कि सोने (Gold) ने अपनी तेजी की चरम सीमा को छू लिया है, तो आपको अपनी राय बदलनी पड़ सकती है। टोरंटो (Toronto) स्थित ब्रोकरेज फर्म ‘मैसन प्लेसमेंट्स’ (Maison Placements) के अध्यक्ष और 50 वर्षों के अनुभवी इन्वेस्टमेंट बैंकर जॉन इंग (John Ing) ने सोने (Gold Price Prediction) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है।

हाल ही में अपनी रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया है कि आने वाले समय में सोने का भाव $6,000 प्रति औंस (लगभग ₹1,84,917 प्रति 10 ग्राम) के ऐतिहासिक स्तर (gold price forecast 2026) तक पहुंच सकता है। इस महा-तेजी के पीछे उन्होंने अमेरिका के लगातार बढ़ते कर्ज (US Rising debt) और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) द्वारा सोने की जमकर (Gold Buying) हो रही खरीदारी को मुख्य कारण बताया है।

$6,000 तक क्यो जाएगा सोना?

1. अमेरिका का $39 ट्रिलियन का भारी कर्ज

जॉन इंग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस “बुल मार्केट” (तेजी) की असली वजह अमेरिका का पहाड़ जैसा कर्ज है। वर्तमान में अमेरिकी संघीय कर्ज (US federal debt) $39 ट्रिलियन तक पहुंच गया है, जिसमें से लगभग $1 ट्रिलियन तो केवल इसका सालाना ब्याज (Annual interest) है।

2. डॉलर के दबदबे में कमी

Global Reserves में अमेरिकी डॉलर (US Dollars) की हिस्सेदारी 1999 के 71% से गिरकर अब 54% रह गई है। 32 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी ट्रेजरी मार्केट (US Treasury market) का लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर विदेशी निवेशकों के पास है। अगर दुनिया भर में डॉलर की मांग कमजोर पड़ती है, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था भारी दबाव में आ सकती है।

सेंट्रल बैंकों की होड़ और सोने की ‘घर वापसी’

सोने की कीमतों को पंख लगाने में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों का बड़ा हाथ है। इस साल की पहली तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 244 टन सोना खरीदा (Central banks bought 244 tonnes of gold in the first quarter)। चीन ने लगातार 20वें महीने सोने की खरीदारी (China Purcahes gold) की, जिससे उसका कुल स्वर्ण भंडार 2,346 टन हो गया है। वहीं, पोलैंड (Poland) ने भी पहली छमाही (irst half of the year) में 82 टन सोना खरीदा है।

एक बड़ा बदलाव यह भी देखा जा रहा है कि कई देश राजनीतिक जोखिमों और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों (Sanctions) से बचने के लिए न्यूयॉर्क (New york) और लंदन (London) के वॉल्ट्स से अपना फिजिकल गोल्ड (Physical Gold) निकालकर अपने देशों में वापस ला रहे हैं। इससे सोने की हैसियत डॉलर के मुकाबले और मजबूत हो रही है।

गोल्ड माइनिंग कंपनियों की होगी चांदी

जॉन इंग का कहना है कि अगर सोना (Internation gold price) $6,000 प्रति औंस की तरफ बढ़ता है, तो गोल्ड माइनिंग (Gold Mining) कंपनियों का मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा। कंपनियों के पास भारी कैश फ्लो आएगा जिससे वे नए प्रोजेक्ट्स का अधिग्रहण कर सकेंगी।

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