सावन 2026: ये 5 पवित्र व्रत रखने से दूर होंगे दुख-दर्द, मिलेगी सुख-समृद्धि

सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस माह में कई तीज-त्योहार आते हैं, मगर कुछ दिन बेहद विशेष होते हैं। शिव पुराण और पद्मपुराण में इन दिनों में व्रत रखने और विधि से पूजा करने का महत्व बताया गया है। वैसे तो सावन में कई लोग सोमवार व्रत रखते हैं और कई लोग 16 सोमवार के व्रत भी सावन से शुरू करते हैं। मगर इन पांच व्रतों को रखने से व्यक्ति के अंदर का अहंकार, इच्छाएं और तनाव सभी अनुशासन की आग में जलकर भस्म हो जाते हैं।

इनके अलावा भी सावन के महीने में कई ऐसे महत्‍वपूर्ण दिन होते हैं, जिन पर व्रत रखकर न केवल आत्‍मशुद्धि होती है बल्कि भक्‍त को जीवन में सुख और समृद्धि भी मिलती है। चलिए आज हम आपको सावन की महीने में आने वाले उन त्‍योहारों के बारे में बताते हैं, जो जिन पर व्रत रखक कर आप अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।

सावन सोमवार व्रत
सावन सोमवार व्रत तिथि- अगस्‍त 3, 10, 17, 24

सावन के सभी सोमवारों पर व्रत रखना बहुत ही शुभ माना गया है। मान्‍यता है कि सावन में पड़ने वाले सभी सोमवारों को व्रत रखने से आपकी अंतरात्मा और मन दोनों को ही मजबूती मिलती है। आप अपने लक्ष्‍यों पर अधिक ध्‍यान दे पाते हैं और अपनी इच्‍छाओं को नियंत्रण में रख पाते हैं।

सावन प्रदोष व्रत
सावन प्रदोष व्रत तिथि – अगस्‍त 10- सोम प्रदोष, अगस्‍त 25 भौम प्रदोष

साल भर में 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। यदि आप किसी भी प्रदोष का व्रत नहीं रखते हैं, लेकिन सावन के प्रदोष का व्रत रखते हैं, तो इन्‍हें एक साथ साल भर के प्रदोष व्रत रखने के बराबर माना जाता है। इस बार भी सावन में दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। एक सोम प्रदोष और दूसरा भौम प्रदोष, इन दोनों व्रतों को रखने से आप अपने पुराने कर्मों के कारण बनी रुकावटों, दुख और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति पा सकते हैं।प्रदोष का व्रत आपको आपके द्वारा किए गए बुरे कर्मों के पाप को धोने का मौका देता है, ताकि जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा आ सके और आत्मा के ऊपर से पाप का बोझ हल्का हो सके। इस व्रत के माध्यम से आप जप, तप, दान, तीर्थ, प्रायश्चित और क्षमा सभी कुछ कर सकते हैं।

सावन शिवरात्रि व्रत
सावन शिवरात्रि व्रत तिथि – अगस्‍त 11

सावन की शिवरात्रि का भी बहुत अधिक महत्‍व है। इसी दिन कांवड़ यात्रा करने वाले शिव जी पर अपनी कांवड़ से जल अर्पित करते हैं। सावन में यह दिन एक पर्व की तरह मनाया जाता है। शिवभक्त इस दिन भी भगवान शिव और पार्वती का व्रत रखते हैं। इसे बहुत ही पवित्र रात्रि माना गया है, जब शिव ऊर्जा सबसे अधिक सक्रिय होती है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, जप और ध्यान करने से आत्मा शुद्ध होती है।

मंगला गौरी व्रत
मंगला गौरी व्रत तिथि- अगस्‍त 4, 11, 18, 25

सावन में केवल सोमवार के दिन का महत्व नहीं है। सावन के मंगल भी खास होते हैं और इस माह के सभी मंगलवारों को मंगला गौरी के व्रत रखने का महत्व बताया गया है। इस बार सावन में चार मंगल पड़ेंगे। यह व्रत खासतौर पर महिलाओं के लिए होते हैं, अखंड सौभाग्य पाने के लिए इन व्रतों को नियम से करना बहुत ही जरूरी होता है। मंगला गौरी व्रत में उपवास रखने और विधि से देवी पार्वती की पूजा करने का विधान बताया गया है।

नागपंचमी व्रत
नागपंचमी व्रत तिथि- 17 अगस्त

सावन के सभी जरूरी व्रतों में से एक नागपंचमी का व्रत, भक्‍त को पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है। नाग भगवान शिव का आभूषण हैं, इस दिन इनकी पूजा करने से भय, रोग और नकारात्‍मक ऊर्जा नष्‍ट होती है।
अतः शरीर में क्षमता है तो सावन के इन पांच व्रतों को अवश्य विधि के साथ रखें।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com