जमीन और नशे के लिए दुनिया में हमेशा लड़ाइयां हुईं हैं। कभी ट्रॉय के लिए हजारों जहाज भेजे गए, तो कभी ब्रिटेन ने चीन से अफीम बेचने के लिए 2 युद्ध लड़ लिए। चीन की हार हुई और 100 साल तक अफीम का अपना बाजार खो बैठा। अब अफगानिस्तान ने उल्टा काम किया।
2022 में तालिबान के मुखिया मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने पूरे देश में अफीम की खेती पर बैन लगा दिया।
तालिबान के अफीम पर बैन लगाने का असर तुरंत दिखाई दिया। UN की रिपोर्ट के मुताबिक 1 साल में अफीम की खेती 95 प्रतिशत तक गिर गई।
2022 में 2,33,000 हेक्टेयिर में खेती होती थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 10,800 हेक्टेयर रह गई। पहले अफगानिस्तान दुनिया की 80-90 प्रतिशत अफीम और यूरोप की 95 प्रतिशत हेरोइन सप्लाई करता था। तो लगा कि अब हेरोइन खत्म हो जाएगी। पर ऐसा नहीं हुआ।
क्यों कम नहीं हुई हेरोइन
हेरोइन की सप्लाई कम नहीं होने की वजह बैन करने की गलत टाइमिंग थी. तालिबान ने बैन फसल कटने से 2 हफ्ते पहले लगाया और 2 महीने का समय भी दिया। इसका नतीजा यह निकला कि 2022 में तीसरी सबसे बड़ी फसल हो गई। लोगों ने स्टॉक कर लिया। बैन के बाद अफीम की कीमत 70 डॉलर से बढ़कर 1000 डॉलर प्रति किलो हो गई। यानी 15 गुना की बढ़ोतरी हुई।
अफीम खराब नहीं होती, इसलिए जिनके पास जमीन थी। लोगों ने फसल को बेचा नहीं बल्कि स्टोर कर लिया।
सैटैलाइट डेटा बताता है कि सिर्फ रेगिस्तानी इलाकों में ही 13,700 टन अफीम का स्टॉक जमा है। कुल मिलाकर करीब 16,550 टन अफीम पड़ी है। ये अब तक का सबसे बड़ा स्टॉक है।
इसके अलावा सब जगह बैन नहीं माना गया। बदख्शां जैसे इलाकों में जहां तालिबान का जोर कम है, वहां खेती चलती रही। 2024 में जब सख्ती हुई तो लोगों ने हथियारों से विरोध किया। फिर सरकार को झुकना पड़ा। हेरोइन की कमी नहीं है। दिक्कत ये है कि अफीम महंगी हो गई है।
2 काम कर रहे हैं तस्कर
अब तस्कर पुराना स्टॉक बेच रहे हैं और हेरोइन में मिलावट कर रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम अफगानिस्तान के बाजारों में अब मिलावटी माल दिखने लगा है। सीधी बात 2000 में जब तालिबान ने बैन लगाया था तब फसल कटने के बाद लगाया था, इसलिए सप्लाई तुरंत रुकी थी।
लेकिन इस बार बैन कटाई से पहले लगा, इसलिए सबने माल स्टोर कर लिया। इसलिए बैन के बावजूद पाकिस्तान, ईरान की सीमा पर तस्करी रुक नहीं और 2025 के अंत तक यूरोप में भी हेरोइन की कमी नहीं दिखी।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal