इंदौर के समीप बुढ़ानिया में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हथियारों के बल पर डराने वालों को करारा जवाब मिला है।
इंदौर के समीप बुढ़ानिया में ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए कहा कि बीएसएफ ने लाल सलाम को आखिरी सलाम में बदला है। वर्तमान के लोकतांत्रिक देश में हथियारों के बल पर अब कोई डरा नहीं सकता। ऐसे लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास करना ही होगा। हथियारों के बल पर डराने वालों को जवाब मिल चुका है। पूरे देश में नक्सलवाद का खात्मा हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर अतीत के गौरव के कारण भी जाना जाता है। देवी अहिल्या ने जगह-जगह बावड़ियां और घाट बनवाए। हमारी सरकार ने जल संरक्षण के काम किए। पुराने तालाबों और बावड़ियों को संवारा। इस बार तीन माह तक जल संरक्षण अभियान चलाया गया। इंदौर पहाड़ों पर हरियाली की चादर ओढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। मालवा अंचल को नदियों का आशीर्वाद है।
गंगा बेसिन की नदियां गंभीर, चंबल और शिप्रा इंदौर के आसपास से निकलती हैं और गंगा में जाकर मिलती हैं। हमें गर्व है कि धरती की ये बेटियां हमारे अंचल से निकलती हैं। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में अल नीनो तूफान का खतरा भी दिखाई दे रहा है, लेकिन इन सभी खतरों का मुकाबला करने के लिए पेड़ों की बड़ी भूमिका रहती है। ये ऋषि-मुनियों की तरह एक ही जगह खड़े रहकर तपस्या करते हैं और हमें फल देते हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक दिशा कैसी हो, यह इंदौर तय करता रहा है, लेकिन अब प्रदेश का पर्यावरण कैसा हो, यह भी इंदौर से तय होगा। यहां लगातार हरियाली का ध्यान रखा जा रहा है। पहले 12 लाख पौधे लगाकर विश्व कीर्तिमान बनाया और अब 17 लाख पेड़ लगाए जा रहे हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में पहले साढ़े 15 लाख पेड़ लगाए थे। इस बार हम साढ़े 22 लाख पेड़ लगा रहे हैं। इंदौर में अब जगह बची नहीं है। हम पथरीली जमीन पर बड़े पेड़ लगा रहे हैं। इंदौर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सर्वाधिक पेड़ लगाए गए हैं।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal