मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा, संस्कार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा में ड्रॉपआउट दर शून्य प्रतिशत रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में आयोजित पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के गुरु सांदीपनि की स्मृति में हमारा उत्सव मनाया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालय के नए मॉडल की चर्चा पूरे देश में है। हमारी सरकार कई योजनाएं चला रही है।
यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा में ड्रॉपआउट दर शून्य प्रतिशत रही। स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें मिलती हैं, कॉपियों की कमी भी पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता राजनीति करते हैं, लेकिन देशनीति की भावना के बलबूते वर्तमान के सामाजिक ढांचे में क्या-क्या सुधार के काम हो सकते हैं, यह काम हमारी पार्टी कर रही है।
मुख्यमंत्री यादव ने बच्चों को भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण द्वारकाधीश थे, लेकिन उन्होंने अपने स्कूल के मित्र सुदामा को हमेशा याद रखा और दोस्ती भी निभाई। उन्होंने सुदामा का जीवन बदल दिया, लेकिन अपने मित्र की नजरें नहीं झुकने दीं। कृष्ण ने अपनी मित्रता से यह संदेश दिया कि दोस्त के साथ बराबरी का दर्जा रहता है और एक बार मित्रता हो जाए तो उसे जीवनभर निभाना चाहिए।
कार्यक्रम में एकलव्य गौड़ ने कहा कि छात्रों को महापुरुषों के जीवन का अध्ययन करना चाहिए और उनके गुणों को अपने भीतर आत्मसात करना चाहिए। इसी उद्देश्य से हम विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनी से जुड़ी पुस्तकें वितरित करते हैं।
पुस्तक और कॉपी वितरण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव स्कूली छात्रों के बीच पहुंचे और उनके साथ बैठकर बातचीत भी की। कार्यक्रम में विधायक मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, गौरव रणदिवे, सुमित मिश्रा सहित अन्य नेता मौजूद थे।
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