इंदौर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक आयोजन होने जा रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर की उपेक्षा को लेकर लिखे पत्र के बाद इस आयोजन को शहर में बढ़ते विरोध और नाराजगी को शांत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इंदौर के विकास को लेकर इस सप्ताह एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे। शहर के विकास को लेकर इसमें प्रबुद्धजनों से चर्चा होगी। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को एक बैठक भी आयोजित की गई थी। उधर, बुधवार सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के सामने आने के बाद इस आयोजन को भी इंदौरवासियों के विरोध को शांत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर के नाम को प्राथमिकता नहीं दिए जाने के बाद से ही कई शहरवासी और संगठन नाराज हैं। इंदौर को लेकर की जा रही उपेक्षा पर मंत्री विजयवर्गीय की चिट्ठी ने इस विरोध को और हवा दे दी है।
इस आयोजन की जिम्मेदारी सांसद शंकर लालवानी संभाल रहे हैं और शहर के गणमान्य नागरिकों को इसमें शामिल किया गया है। इस सप्ताह होने वाले आयोजन को लेकर सांसद लालवानी की मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है। उम्मीदों का इंदौर थीम पर होने वाले इस आयोजन में शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा होगी।
मंत्री विजयवर्गीय ने 20 जून को इंदौर की उपेक्षा पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। सूत्रों के अनुसार उसके बाद से ही उसके बाद से ही इस आयोजन की रूपरेखा तैयार हो रही थी। दरअसल, 19 जून को जब राष्ट्रपति इंदौर आई थीं, तब मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर में नगर निगम द्वारा आयोजित कुछ कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। उन कार्यक्रमों के पोस्टरों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के फोटो गायब थे।
इसके बाद ही विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। जिस विभाग के विजयवर्गीय मंत्री हैं, उसी विभाग के आयोजन में उनकी उपेक्षा से विजयवर्गीय खेमा नाराज था। उनके समर्थक पार्षद मनीष मामा ने यह मुद्दा महापौर परिषद की बैठक में भी उठाया था।
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