भारत के साथ सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की टिप्पणी के खिलाफ विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को नेपाली संसद के उच्च सदन राष्ट्रीय सभा की बैठक स्थगित कर दी गई। राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण प्रसाद दहल ने सदन की कार्यवाही नौ जून को दोपहर सवा एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बालेंद्र शाह द्वारा रविवार को भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर दिए गए एक बयान के बाद से ही संसद की कार्यवाही में व्यवधान पैदा हो रहा है, जिससे बैठकें स्थगित करनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा था कि केवल भारत ने ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीनों पर अतिक्रमण किया है। उनकी इस टिप्पणी से भारी विवाद खड़ा हो गया है।
बालेन ने अपने बयान में विस्तृत जानकारी दिए बिना यह भी सुझाव दिया था कि भारत और नेपाल इस मुद्दे के समाधान के लिए इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की मदद लेने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि काठमांडू ने इस मामले को चीन और ब्रिटेन के समक्ष भी उठाया है।
इस बीच, भारत ने मंगलवार को नेपाल के साथ अपने सीमा विवाद को सुलझाने में किसी भी ‘तीसरे पक्ष’ की भूमिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया। बुधवार की तय कार्यसूची के अनुसार, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले को राष्ट्रीय सभा में चर्चा के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के सरकारी राजस्व और व्यय का अनुमानित बजट प्रस्तुत करना था, लेकिन सदन की बैठक बिना किसी तय कामकाज के ही स्थगित कर दी गई।
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