गुलाबी रंग का घर, करोड़ों में सैलरी… बेटे वैभव के लिए पिता हुए थे बेरोजगार, आज दुनिया ठोक रही सलाम

कहते हैं कि सफलता की कोई उम्र नहीं होती। अगर आपकी मेहनत सच्ची है तो फिर कोई भी आपको मंजिल हासिल करने से नहीं रोक सकता। ये लाइन 15 साल के युवा सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी पर बिल्कुल फिट बैठती हैं।

महज 4 साल की उम्र से हाथ में बल्ला थामे वैभव अपने पिता के साथ क्रिकेट खेला करते थे। बेटे के खेल के प्रति जुनून को देखते हुए पिता ने बिहार के समस्तीपुर जिले की एक अकादमी में उनका एडमिशन कराया।

पिता संजीव (Vaibhav Suryavanshi Father) जो खुद किसानी करते थे, वह खुद वैभव को अंडर आर्म बॉल डालकर प्रैक्टिस करवाते थे। उन्होंने यहां तक कि अपने घर के पीछे एक छोटी-सी प्रैक्टिस की जगह बना दी, जिससे वैभव को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका मिला। उन्हें ब्रजेश झा नामक कोच से ट्रेनिंग मिली और उनके अधीन ट्रेनिंग करने के बाद वैभव पटना पहुंच गए।

जहां मनीष ओझा ने वैभव के क्रिकेटिंग स्किल को और भी निखारने में मदद की। इतना ही नहीं, वैभव के पिता बेटे की कामयाबी के लिए बेरोजगार तक हो गए थे, लेकिन आज वैभव ने दुनिया में जो बेहद कम उम्र में नाम कमाया है, उससे उनके पिता का सीना गर्व से चौड़ा जरूर हो गया होगा।

Vaibhav Suryavanshi की रिकॉर्डतोड़ पारी

आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मैच में आरआर (SRH vs RR IPL 2026 Eliminator) के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए, जिसमें 12 छक्के और 5 चौके शामिल रहे। वह महज 3 रन से शतक बनाने से चूके। वह आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से चूक  गए। हालांकि, उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। आईपीएल 2026 में उनके नाम अब 680 रन हो गए हैं और वह ऑरेंज कैप की रेस (Orange Cap 2026) में सबसे आगे पहुंच गए हैं।

साथ ही उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्होंने क्रिस गेल (Chris Gayle record broken) के 59 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस सीजन में 65 छक्के पूरे किए। इसके अलावा वह दूसरी बार आईपीएल मैच में 12 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बने।

बेटे वैभव के लिए पिता ने जमीन तक बेची

ताजपुर के वैभव सूर्यवंशी, जो आईपीएल 2026 में खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनके संघर्ष की कहानी भी उतनी भावुक हैं। वैभव के पिता संजीव खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उस दौर में बिहार को बीसीसीआई से मान्यता नहीं मिलने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया था। संजीव ने अपने संघर्ष के दिनों में मुंबई का रुख किया। वहां उन्होंने शिपिंग यार्ड में काम किया, पोर्ट पर मेहनत की और कभी-कभी नाइट क्लब में बाउंसर तक बने, लेकिन फिर वह सब कुछ छोड़कर घर लौट आए और पारिवारिक ज्वैलरी की दुकान संभालने लगे।

उन्होंने बेटे वैभव के क्रिकेट के प्रति लगाव देखा और उन्हें पटना ले जाने का फैसला किा। वैभव के घर ताजपुर से पटना करीब 75 किलोमीटर दूर है, इसलिए वह रोजाना ट्रैवल नहीं कर पाते थे और ये देखते हुए उनके पिता संजीव ने बेटे को ट्रेनिंग के लिए ले जाने के लिए एक गाड़ी खरीदी। हर दूसरे दिन वैभव को ट्रेनिंग करवाने के लिए वह खुद पटना लेकर जाते थे।

 यहां तक कि बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी, जिसका खुलासा इंटरव्यू में खुद उनके पिता कई बार कर चुके हैं। भले ही पिता बेरोजगार हुए, लेकिन बेटे वैभव ने बेहद ही कम समय में जो इतिहास रचते हुए दुनिया में नाम कमाया है, उससे उनके पिता को उन पर गर्व महसूस जरूर होता होगा। 

गुलाबी रंग के घर में रहते हैं वैभव

बाएं हाथ के बैट्समैन और युवा बैटर ने अपने फर्स्ट क्लास डेब्यू 2024 जनवरी में किया था। उन्होंने अंडर-19 मैचों में शतकीय पारी खेली और आईपीएल 2026 के लिए उन्हें आरआर ने 1.10 करोड़ रुपये में रिटेन किया। 

वहीं, उनका परिवार बिहार रहता है और जिस घर में उनकी परवरिश हुई है, उसका लुख अब बदल दिया गया है। वैभव के पुश्तैनी घर की मरम्मत की गई और उस पर गुलाबी रंग का पेंट कर दिया गया। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके घर की कीमत 40 लाख से 60 लाख के बीच की मानी जाती है।

Vaibhav Suryavanshi का करियर

वैभव ने अभी तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 8 मैच खेलते हुए 207 रन बनाए है। लिस्ट ए में उनके नाम 8 मैचों में 353 रन दर्ज हैं। टी20 में उन्होंने 33 मैच खेले है, जिसमें उनके बल्ले से 1381 रन निकले हैं। आईपीएल की बात करें तो उन्होंने अब तक कुल 22 मैच खेलते हुए 932 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। बीते दिन यानी 27 मई को एसआरएच के खिलाफ 97 रन की वैभव की पारी ने राजस्थान रॉयल्स को क्वालिफायर-2 का टिकट दिला दिया है।

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