Adani Power का बड़ा दांव, JP Power में 19.01% हिस्सेदारी के बराबर शेयरों को गिरवी रखा

भारतीय ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) अब जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (Jaiprakash Power Ventures Limited – JPVL) में एक महत्वपूर्ण शेयरधारक के रूप में उभरी है। आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, अदाणी पावर ने जेपी पावर में 19.01% की हिस्सेदारी के बराबर के शेयरों को गिरवी (Pledge) रखा है।

NCLT के आदेश के बाद बदली तस्वीर
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद बेंच का एक आदेश है। 17 मार्च, 2026 को दिए गए इस आदेश और 15 मई, 2026 को हुई जॉइंट लेंडर्स मीटिंग (JLM) के निर्णय के अनुसार, अदाणी पावर लिमिटेड अब जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (Jaiprakash Associates Limited) की जगह जेपी पावर (JP Power) में शेयरधारक बन गई है।

130 करोड़ से अधिक शेयर शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड ने ‘सिक्योरिटी ट्रस्टी’ के रूप में अदाणी पावर के पक्ष में इन शेयरों का ‘री-प्लेज’ (Re-pledge) किया है। इस सौदे में कुल 1,30,26,98,031 शेयर शामिल हैं, जो जेपी पावर की कुल चुकता शेयर पूंजी का 19.01% हिस्सा है।

लेनदेन का विवरण इस प्रकार है:

री-प्लेज (Re-pledge): 1,20,05,09,465 इक्विटी शेयर।
नॉन-डिस्पोजल अंडरटेकिंग (NDU): 10,21,88,566 शेयर।
कुल हिस्सेदारी: 19.01% (वोटिंग राइट्स के साथ)।

आईडीबीआई ट्रस्टीशिप की भूमिका
आईडीबीआई ट्रस्टीशिप ने स्पष्ट किया है कि वे इन शेयरों के लाभकारी मालिक (Beneficial Owner) नहीं हैं। उन्होंने यह हिस्सेदारी केवल एक ‘सिक्योरिटी ट्रस्टी’ के रूप में अदाणी पावर लिमिटेड के कर्जदाताओं (Lenders) के हित में सुरक्षित की है। यह कदम सेबी (SEBI) के ‘शेयरों के अधिग्रहण और टेकओवर’ (SAST) नियमों के तहत उठाया गया है।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
जेपी पावर में अदाणी पावर की इस एंट्री को पावर सेक्टर में एक बड़े कंसोलिडेशन (Consolidation) के रूप में देखा जा रहा है। जयप्रकाश एसोसिएट्स की जगह अदाणी पावर का आना कंपनी के भविष्य और कर्ज प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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