मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा (कालापुल, नगला तराई) स्थित अपने निजी आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अफसरों के साथ उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि और शत्रु संपत्तियों से अवैध कब्जे तत्काल हटाने के आदेश दिए। सीएम ने भू-कानून का सख्ती से पालन करवाने, सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और आगामी मानसून की तैयारियों में जुट जाने के भी आदेश दिए। सीएम ने नैनीताल जिले में कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को अगले माह तक हर हाल में पूरा कराने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारी को दिए।
मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के अभियान की समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने ग्राम सभाओं में सरकारी भूमि की गहन जांच करने के निर्देश भी दिए। सीएम ने वक्फ संपत्तियों का पूरा ब्योरा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने, इसकी नियमित समीक्षा और जांच करने के लिए भी कहा। सीएम ने कहा कि भू-कानून का उल्लंघन कर अवैध रूप से खरीदी गई जमीनों की त्वरित जांच की जाए। दोष सिद्ध होने पर ऐसी भूमि को तुरंत सरकारी घोषित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकी को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस को दिशा निर्देश दिए। धामी ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए पूरे राज्य में सत्यापन अभियान तेज किया जाए। बाहरी राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जाए और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को चिह्नित किया जाए। इस दौरान डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति भी वहां मौजूद थे।
ये भी बोले सीएम
जनसेवा केंद्रों (सीएससी) की जांच के साथ अवैध राशन कार्ड बनाकर सरकारी सुविधाओं का गलत लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिह्नित कर उनके कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
कृषि एवं बागवानी के लिए पॉली हाउस, एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, परिणाम आधारित (रिजल्ट ओरिएंटेड) बनाएं।
बिजली कटौती पर सख्त दिखे सीएम, दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि प्रदेश में अनावश्यक बिजली कटौती बिल्कुल न की जाए। यदि रखरखाव के लिए कटौती अनिवार्य हो तो स्थानीय स्तर पर जनता को इसकी पूर्व सूचना समय रहते दी जाए।
मानसून से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं। पिछले वर्ष के आपदा प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर जोशीमठ में पुनर्निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कराएं।
ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारु रखें और क्षतिग्रस्त आंतरिक सड़कों की समयबद्ध मरम्मत कराएं
चार धाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं से निरंतर फीडबैक लें। उनकी शिकायतों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार करें। यात्रा रूट पर पेयजल की उपलब्धता और प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करें।
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