उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर ली गई अतिरिक्त रकम लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा है कि 1 अप्रैल के बाद जिन उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसे वसूले गए हैं, उन्हें लगभग 127 करोड़ रुपये बिजली बिलों में समायोजित कर वापस किए जाएं।
जानिए पूरा मामला
बताया गया कि बिजली वितरण कंपनियों ने नए कनेक्शन देते समय सिंगल फेज कनेक्शन पर 6016 रुपये और थ्री फेज कनेक्शन पर 11341 रुपये वसूले। इनमें सिंगल फेज पर करीब 3216 रुपये और थ्री फेज पर लगभग 7241 रुपये अतिरिक्त लिए गए थे। इस मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने इस वसूली को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच बिजली विभाग ने 3,53,357 नए कनेक्शन जारी किए थे और इसी दौरान उपभोक्ताओं से यह अतिरिक्त राशि वसूली गई।
आयोग ने दिए ये निर्देश
इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। आयोग ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की है और उस दिन पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। आयोग के इस फैसले के बाद उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की ओर से आयोग का आभार व्यक्त किया।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal