ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को ‘न्याय का देवता’ माना जाता है। उनके क्रोध से बचने के लिए लोग अक्सर भारी-भरकम पूजा-पाठ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद एक छोटी सी ‘लौंग’ शनि की बाधाओं को दूर करने की ताकत रखती है? शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इस दिन किए गए सरल उपाय आपके जीवन की दिशा पूरी तरह से बदल सकते हैं।
दीपक में लौंग का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लौंग को ऊर्जा का स्रोत माना गया है, जो नकारात्मकता को सोख लेती है। जब हम शनिवार की शाम सरसों के तेल के दीपक में दो साबुत लौंग डालकर जलाते हैं, तो इससे निकलने वाली ऊर्जा घर के वास्तु दोषों को कम करती है। यह उपाय उन लोगों के लिए रामबाण माना जाता है जिनकी कुंडली में शनि भारी है या जिनके बनते हुए काम अक्सर बिगड़ जाते हैं।
कैसे और कहां जलाएं यह दीपक?
शास्त्रों के मुताबिक, यह उपाय सूर्यास्त के बाद करना फलदायी होता है।
शनिवार की शाम को स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें।
एक मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल भरें और उसमें दो साबुत लौंग (ध्यान रहे कि लौंग टूटी हुई न हो) डाल दें।
धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से इस दीपक को घर के मुख्य द्वार पर या पास के किसी पीपल के पेड़ के नीचे जलाना चाहिए।
आप पीपल के नीचे दीपक जलाते हैं, तो पीछे मुड़कर न देखें।
लौंग के उपाय के लाभ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह छोटा सा टोटका न केवल धन के आगमन के रास्ते खोलता है, बल्कि घर के सदस्यों के बीच चल रहे तनाव को भी कम करता है। मान्यता है कि अगर आपको नौकरी या व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है, तो शनिवार को हनुमान जी के सामने चमेली के तेल के दीपक में दो लौंग डालकर ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करने से भी शनि की साढ़ेसाती का कष्ट कम होता है।
शनिवार के खास नियम और सावधानी
हमेशा फूल वाली साबुत लौंग का ही इस्तेमाल करें, खंडित लौंग का उपाय निष्फल हो सकता है।
दीपक जलाते समय ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें।
दीपक ऐसी जगह रखें जहां वह पूरी रात या कम से कम कुछ घंटों तक शांत वातावरण में जल सके।
इस उपाय के साथ शनिवार को काली उड़द या तिल का दान करना सोने पर सुहागा जैसा फल देता है।
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