पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की बढ़ती उम्मीदों पर मंगलवार को उस समय संकट के बादल फिर मंडराने लगे, जब होर्मुज स्ट्रेट में तीन टैंकरों को निशाना बनाकर हमला किया गया। हमले की चपेट में आए टैंकरों में एक कतर का है तो दूसरा सऊदी अरब का झंडा लगा तेल टैंकर बताया गया है।
तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ले जा रहा कतर का टैंकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है और इसमें विस्फोट होने का खतरा है। जबकि सऊदी झंडा वाला विशाल तेल टैंकर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पर कच्चा तेल लदा बताया गया है। TOI की रिपोर्ट्स के मुताबिक एक जहाज कतर से गुजरात आ रहा था, जिसमें चार भारतीय क्रू मेंबर सवार थे।
कतर ने हमले के लिए ईरान को ठहराया जिम्मेदार
कतर ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि इन हमलों की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ईरान पर संदेह जताया जा रहा है। यह घटना ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच हुई है।
रायटर के अनुसार, घटना के बारे में जानकारी रखने वाले चार सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एलएनजी लदी अल रेकयात नामक टैंकर ने मदद मांगी। इस पर होर्मुज में ओमान के तट समीप हमला किया गया।
चालक दल सुरक्षित है और इंजन रूम में आग लग गई थी। इसी क्षेत्र में हुए हमले में सऊदी झंडा लगे एक टैंकर को भी नुकसान पहुंचा है। माना जा रहा है कि वेडयान नामक यह सुपर टैंकर है।
जबकि एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया, लेकिन इस पर तेहरान की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड पर हमले का शक
ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बीती रात के दौरान जलमार्ग से गुजर रहे जहाजों पर मिसाइलें दागी थीं। यह पहली बार है, जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता में मध्यस्थ कतर के एलएनजी टैंकर को निशाना बनाया गया है।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ब्रिटिश सेना ने बताया कि होर्मुज से गुजर रहे तीन जहाजों को निशाना बनाया गया। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड आपरेशन सेंटर ने कहा कि ओमान के लिमाह के समीप मंगलवार तड़के एक टैंकर को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया।
दो और टैंकरों पर हमला किया गया, जिनमें से एक पर ड्रोन से हमला किया गया। इन दोनों को भी नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
खामेनेई की अंतिम यात्रा में जनसैलाब, लगे ‘किल ट्रंप’ के नारे
न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा मंगलवार को कोम शहर में निकाली गई, जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। शिया धार्मिक शिक्षा के केंद्र कोम में कई लोग झंडे और बैनर लिए दिखे। इस दौरान अमेरिका विरोधी नारे लगाए गए और कई ऐसे बैनर भी दिखाई दिए, जिन पर ‘किल ट्रंप’ लिखा था।
खामेनेई का राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा ताबूत और उनके चार परिजनों के ताबूत एक विशेष रूप से सजे ट्रक पर रखे गए हैं। सोमवार को खामेनेई की अंतिम यात्रा तेहरान की सड़कों पर निकाली गई थी, जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। काले कपड़ों में शोक मनाने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा था। इस समय पूरे ईरान में शोक और मातम का माहौल है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में शुक्रवार से शुरू हुईं और नौ जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अमेरिका-इजरायल की ओर से 28 फरवरी को किए गए हमले में इनकी मौत हुई थी। चार महीने बाद इनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
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