हरियाणा में बारिश व तेज हवा का अलर्ट: गेहूं-सरसों की फसल में नुकसान का डर

हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश, बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह से नारनौल में लगातार हल्की बारिश हो रही है, जबकि झज्जर में रात से रुक-रुककर बरसात जारी है। हिसार सहित प्रदेश के 14 जिलों में पिछले 24 घंटों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें पलवल और गुरुग्राम में सबसे अधिक वर्षा हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तरी हरियाणा में 21 मार्च तक हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार-शनिवार को प्रदेश भर में, खासकर जीटी बेल्ट के जिलों जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला में बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इससे दिन के तापमान में 8-10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जबकि रात का तापमान हल्का बढ़ा है। हिसार में अधिकतम तापमान सामान्य से 8.3 डिग्री नीचे 23.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

झज्जर में सुबह उठते ही लोगों को बारिश का नजारा दिखा, जिससे वातावरण में ठंडक छा गई। कुछ दिन पहले गर्मी से परेशान लोग अब एसी और पंखे बंद कर रहे हैं। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री दर्ज किया गया। इस मौसम बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की फसलें पककर खड़ी हैं, लेकिन बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि से फसलें जमीन पर बिछने, गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन में कमी का खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं से गेहूं की फसलें लेट गई हैं।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने किसानों को सलाह दी है कि अगले दो दिनों में सिंचाई रोक दें और सब्जियों पर कोई स्प्रे न करें।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और हवाओं की दिशा में परिवर्तन के कारण हुआ है। पहले मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से 8 डिग्री अधिक था, लेकिन अब पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे आ गया है।प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, ताकि फसलों को न्यूनतम नुकसान हो।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com