हरदोई जिले में सरकारी धान खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है। फर्जी सत्यापन के माध्यम से लगभग 450 किसानों से 2,500 क्विंटल धान की अवैध खरीद की गई। इस गड़बड़ी की गोपनीय शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने जांच के आदेश दिए।
जांच में फर्जी सत्यापन की पुष्टि होने पर चकबंदी विभाग के चार लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद से पहले किसानों और उनकी कृषि भूमि का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य होता है।
ऐसे किसानों के पास असल में खेत ही नहीं थे
चकबंदी वाले गांवों में यह सत्यापन चकबंदी लेखपाल और चकबंदी अधिकारी द्वारा किया जाता है। शिकायत के अनुसार, शाहाबाद तहसील क्षेत्र के चार चकबंदी लेखपालों ने ऐसे किसानों के खेतों का सत्यापन कर दिया, जिनके पास असल में खेत ही नहीं थे।
फर्जी सत्यापन कर खरीदा 2500 क्विंटल धान
इतना ही नहीं, ये किसान संबंधित गांव के आसपास के भी नहीं थे। बंदोबस्त अधिकारी पीसी उत्तम के अनुसार, अब तक की जांच में 450 किसानों से लगभग 2,500 क्विंटल धान फर्जी सत्यापन के जरिए खरीदे जाने की पुष्टि हुई है।
क्रय केंद्र प्रभारियों और व्यापारियों में हड़कंप
बिना उचित जांच के सत्यापन करने वाले चकबंदी लेखपाल रोहित राठी, अंकित कुमार, कौशलेंद्र कुमार और सचिन को निलंबित कर दिया गया है। बंदोबस्त अधिकारी ने बताया कि धान खरीद में गड़बड़ी के अन्य मामलों की जांच अभी जारी है। इस कार्रवाई से क्रय केंद्र प्रभारियों और व्यापारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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