सोलो ट्रिप के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन- स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर कुर्ग है…

इंडिया के साउथ पार्ट को एक्सप्लोर करने के लिए आपको किसी भी साथी की जरूरत नहीं पड़ेगी इसकी गारंटी है। ऐसा इसलिए क्योंकि खूबसूरत होने के साथ ही यहां की ज्यादातर जगहें काफी शांत और सुरक्षित भी हैं। जहां जाकर आप बहुत ही अच्छे तरीके से वेकेशन को एन्जॉय कर सकते हैं। ‘कश्मीर ऑफ साउथ’, ‘स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया’ जैसे  कई नामों से मशहूर कुर्ग घूमने के लिए 2 से 3 दिन का समय काफी है। तो यहां आकर किन जगहों की सैर बिल्कुल भी न करें मिस, शॉपिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज़ के लिए कौन सी जगहें हैं बेस्ट,जानेंगे इनके बारे में ।

 

दुबारे एलीफेंट कैंप-  कुर्ग सोलो ट्रिप पर आए हों, फैमिली या फिर फ्रेंड्स, एन्जॉय करने के पूरे-पूरे मौके देता है। घूमने-फिरने वाले जगहों की कोई कमी नहीं यहां। दुबारे एलीफेंट कैंप उनमें से ही एक है। कैंप में लगभग 150 हाथी हैं जिनके रहने से लेकर खाने-पीने तक की सुविधा मौजूद है। यहां तक कि आप इन्हें नहला भी सकते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह बहुत ही बेहतरीन है।

नागरहोल नेशनल पार्क- अगर आप वाइल्डलाइफ देखने के शौकीन हैं तो नागरहोल नेशनल पार्क को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें, जिसे देखने के लिए पूरे एक दिन का समय चाहिए। इस घने जंगल में पेड़-पौधों से लेकर पशु-पक्षियों की तकरीबन 270 प्रजातियां मौजूद हैं। तो यहां जाते वक्त अपने साथ कैमरा ले जाना न भूलें।

गोल्डेन टेंपल-  यह एक बौद्ध मोनेस्ट्री है जिसे गोल्डेन टेंपल और नामड्रोलिंग मोनेस्ट्री के नाम से भी जाना जाता है। बहुत ही शांत और खूबसूरत इस मोनेस्ट्री को कुर्ग आकर घूमना बिल्कुल भी मिस न करें। तिबब्ती स्टाइल में बने इस मोनेस्ट्री का नज़ारा लोसर फेस्टिवल के दौरान अलग ही होता है।

मंडलपट्टी व्यूप्वाइंट-  मंडलपट्टी व्यूप्वाइंट, कुर्ग की उन जगहों में से एक है जिसे देखे बगैर यहां का सफर अधूरा होगा। दूर-दूर तक फैली हरियाली के बीच ट्रैकिंग करते हुए इस जगह पहुंचकर आपको एहसास होगा कि जैसे आपने इससे बेहतरीन जगह आज तक नहीं देखी। ढ़लते सूरज का नज़ारा यहां इतना खूबसूरत होता है कि उसे कैमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।

कावेरी निसर्गधाम-  कर्नाटक के कोडागू जिले में स्थित इस जगह आकर आप नेचर वॉक से लेकर वाइल्डलाइफ और फोटोग्राफी जैसी कई एक्टिविटीज़ को एन्जॉय कर सकते हैं। चारों तरफ फैले चंदन, बांस और टीक के पेड़ इस जगह को बनाते हैं और भी एडवेंचरस। इस जगह को घूमने के लिए 2 से 3 घंटे का समय लेकर आएं।

कहां ठहरें-  कुर्ग में रूकने वाली जगहों की कोई कमी नहीं और अगर आप अकेले आ रहे हैं तो होमस्टे ट्राय करें। बजट में होने के साथ ही होमस्टे का एक्सपीरियंस भी बहुत ही खास होता है। यहां के होमस्टे सुरक्षा के लिहाज से भी बेस्ट हैं।

कैसे पहुंचे सड़क मार्ग-  कुर्ग, कर्नाटर के ज्यादातर शहरों जैसे मैसूर (118 किमी), बंगलौर (255 किमी) और मैंगलौर (139 किमी) से जूड़ा हुआ है। आप टैक्सी या बस लेकर आराम से अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच सकते हैं। वैसे मैसूर, मंगलौर और बंगलौर तक के लिए बसों की सुविधा भी मौजूद है।
रेल मार्ग-  कुर्ग पहुंचने के लिए आपको मैसूर तक की ट्रेन लेनी पड़ेगी। जहां से 120 किमी का सफर तय करके आप पहुंच सकते हैं अपने डेस्टिनेशन तक।
हवाई मार्ग –  मैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नज़दीकी एयरपोर्ट है जहां से 160 किमी दूर है कुर्ग।

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