सूर्यवंशी…सूर्यवंशी…सूर्यवंशी… 15 वर्ष 99 दिन के बच्चे के लिए 150 करोड़ भारतीय बार-बार चिल्ला रहे थे कोच गौतम गंभीर क्यों नहीं खिला रहे हो इसको? कुछ को इसमें साजिश की बू भी आ रही थी, तो कुछ को लग रहा था कि भारतीय टीम प्रबंधन संजू सैमसन को बचा रहा है लेकिन मामला कुछ और था। जैसे बहते पानी को कोई रोक नहीं सकता, वैसे वैभव को रोकना किसी के बस की बात नहीं थी।
हर चीज का समय और जगह सुनिश्चित है। शायद वैभव के पदार्पण के लिए मैनचेस्टर का ऐतिहासिक मैदान ही तय था। भारत को टी-20 विश्व कप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले ओपनर संजू सैमसन के तीन मैचों में फेल होते ही भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को चमचमाती नीली कैप पकड़ा दी गई, जिस पर सफेद अक्षरों से 122 नंबर अंकित था।
वैभव सूर्यवंशी ने अपना प्रतिभा का मनवाया लोहा
वह भारत के 122वें टी-20 खिलाड़ी बन गए। इसी के साथ क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के 16 वर्ष 205 दिन में पदार्पण का भारतीय रिकॉर्ड टूट गया। पहले बिहार के लिए जूनियर क्रिकेट और रणजी, उसके बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले समस्तीपुर के इस बालक ने अंडर-19 विश्व कप से लेकर भारत-ए तक के लिए धमाकेदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा पहले ही मनवा लिया था।
पहली गेंद पर छक्का नहीं लगा सके वैभव
लोगों को उम्मीद थी कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पहली गेंद पर छक्का आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छक्का आया, लेकिन थोड़े इंतजार के बाद। राजस्थान की टीम में वैभव के साथ खेलने वाले जोफ्रा आर्चर गेंदबाजी कर रहे थे और आदत के मुताबिक वैभव एक गेंद पर पीछे हटकर जगह बनाने लगे, जोफ्रा को इनके रंग-ढंग पता थे। वो जानते थे कि हाथ खोलने का मौका मिला तो अंग्रेजों के हाथ अपना सिर पकड़ लेंगे।
जोफ्रा ने वैभव को फॉलो करते हुए फुल लेंथ गेंद डाली। वैभव ने गेंद को देखा, पिछले पैर पर बैठे और गिरने के बाद उठते ही गेंद को हवा में उछाल दिया… लंबी दूरी तय करते हुए ये गेंद जाकर गिरी फाइन लेग बाउंड्री के बाहर। बड़ों के गेम के बॉस बेबी, विल जैक्स की गेंद पर बाहर निकलकर छक्का मारने के चक्कर में सिर्फ 14 रन के निजी स्कोर पर भले ही आउट हो गया लेकिन इसमें कोई शक नहीं भारत का बच्चा आने वाले समय दुनिया के बड़े-बड़ों के छक्के छुड़ाएगा।
सचिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
15 वर्ष 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के विरुद्ध टी-20 मैच खेलकर सूर्यवंशी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में सचिन तेंदुलकर ने 1989 में पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट मैच में पदार्पण किया था। वैभव ने उनके भारतीय रिकार्ड को तोड़ दिया।
14 वर्ष 16 दिन की उम्र में रोमनिया के मैरियन घेरासिम ने अक्टूबर 2020 में बुल्गारिया के विरुद्ध टी-20 में पदार्पण किया था। वह ओवरऑल पुरुष क्रिकेट में सबसे कम उम्र के क्रिकेटर हैं। आईसीसी के पूर्णकालिक सदस्य देशों में यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के हसन रजा के नाम है, जिन्होंने 14 वर्ष 277 दिन की उम्र में जिंबाब्वे के विरुद्ध पदार्पण किया था। पूर्णकालिक सदस्यों में पदार्पण करने वाली लिस्ट में वैभव दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।
भारत को मुकाबले में मिली हार
बेलफास्ट में आयरलैंड के विरुद्ध दो टी-20 मैच हारने वाली श्रेयस की टीम को यहां पर इंग्लैंड के विरुद्ध भी चार विकेट से हार मिली। चेस्टर ली स्ट्रीट में पांच मैचों की सीरीज का पहला टी-20 वर्षा के कारण रद हो गया था।
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