आपको भी यह सुनकर हैरानी होती होगी कि एक ही तरह की कैलोरी लेने का असर सुबह और शाम अलग कैसे हो सकता है? सुबह जहां हैवी नाश्ता खाने की सलाह दी जाती है, वहीं रात को दलिया या खिचड़ी जैसा लाइट भोजन करने की। आखिर ऐसा क्यों है कि कैलोरी में एक समान होने के बावजूद खाने का समय उसे पचना आसान या कठिन बना देता है।
आपका शरीर भी चलता है घड़ी की टिक-टिक पर
सुबह के समय आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और दिन ढलते ही इसकी स्पीड कम होने लगती है। इसलिए सुबह कुछ भी हैवी खा लेने के बावजूद वह आसानी से पच जाता है और हॉर्मोन्स बैलेंस रहते हैं। रात में ऐसा करने पर स्लो मेटाबॉलिज्म की वजह से कैलोरी भी धीरे-धीरे बर्न होती है।
इंसुलिन सेंसिटिविटी भी सुबह होती है ज्यादा
यह एक हॉर्मोन है, जोकि शरीर में कार्बोहाइड्रेट से ग्लूकोज को एनर्जी में तब्दील कर देता है या स्टोर कर देता है। सुबह के समय आपके सेल्स भी इंसुलिन को लेकर ज्यादा सक्रिय तरीके से रिस्पॉन्स करते हैं, जिसकी वजह से ग्लूकोज ज्यादा अच्छी तरह अब्जॉर्ब और यूज होता है। वहीं शाम को यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है और यह ग्लूकोज फैट के रूप में स्टोर होने लगता है। ऐसा होने से डायबिटीज या मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है।
ओवरईटिंग करते हैं
घ्रेलिन और लेप्टिन दो ऐसे हॉर्मोन हैं जो आपके ब्रेन को भूख लगने का संकेत देते हैं। अगर सुबह आपने नाश्ता नहीं किया तो इसका बैलेंस बिगड़ सकता है। इस वजह से लेट नाइट ओवरईटिंग का भी खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, सुबह के समय हैवी नाश्ता करने वालों को दिनभर भूख का एहसास कम होता है।
रात में चुनते हैं गलत ऑप्शन
अगर सुबह के समय पेटभर नाश्ता ना किया हो तो रात के वक्त चिप्स, आइसक्रीम, फास्ट फूड या हाई फैट वाली चीजें ही खाने की इच्छा होती है। रात के समय पचने की प्रक्रिया स्लो होने की वजह से ये चीजें फैट के रूप में स्टोर होती जाती हैं।
नींद नहीं आती
रात के समय हैवी खाने से नींद भी गड़बड़ हो जाती है, खासकर अगर आपने हाई फैट या शुगर वाली चीजें खाई हों। नींद के साथ-साथ इस तरह की परेशानी भी होती है:-
सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स
ब्लड शुगर का बढ़ना
बेचैनी
ब्रेकफास्ट में ये चीजें लेने से मिलेगा फायदा
ओट्स और नट्स
साबुत अनाज से बनी चीजें, अंडे
वेजिटेबल पोहा, उपमा
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