यूपी: एक स्टार्टअप में 40 करोड़ तक निवेश करेगी योगी सरकार

यूपी को स्टार्टअप का गढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने स्टार्टअप नीति-2026 में पूंजी जुटाने से लेकर उत्पाद तैयार करने और बाजार तक पहुंच बनाने के लिए अहम बदलाव किए हैं। नई नीति में डीप-टेक स्टार्टअप को सामान्य प्रोत्साहन के मुकाबले 50 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता देने के साथ एक पात्र स्टार्टअप में सरकार की ओर से 40 करोड़ रुपये तक निवेश का प्रावधान किया गया है। इससे लंबे समय में परिणाम देने वाले तकनीकी स्टार्टअप को शुरुआती दौर के बाद भी पूंजी की कमी नहीं होगी।

नीति में स्टार्टअप के लिए चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी महत्वपूर्ण बदलाव है। दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन पर यह सब्सिडी मिलेगी। इससे शुरुआती दौर से आगे बढ़ चुके स्टार्टअप को कारोबार विस्तार के लिए कर्ज लेना सस्ता होगा। पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर दो करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति और पांच करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट का भी प्रावधान किया गया है।

नई नीति में एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष तकनीक, हेल्थटेक, एग्रीटेक पर काम करने वाले स्टार्टअप को विशेष पैकेज देने की व्यवस्था की गई है। इन्हें प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए 20 लाख, सीड फंडिंग के रूप में 30 लाख और शोध के लिए लागत का 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहयोग मिल सकता है।

नीति में यह भी खास
पेशेंस कैपिटल के मामले में नीति का व्यापक प्रावधान 100 करोड़ रुपये तक का है। सरकार की ओर से एक पात्र स्टार्टअप में 40 करोड़ रुपये तक निवेश के फैसले से लंबी अवधि में परिणाम देने वाले डीप-टेक प्रोजेक्ट को पूंजी की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम चार स्टार्टअप्स को यह सहायता दी जाएगी।

नीति में सामान्य स्टार्टअप के लिए भी प्रोत्साहन बढ़ाया गया है। अब चयनित स्टार्टअप को 17500 की जगह 20 हजार रुपये प्रतिमाह का भरण-पोषण भत्ता दो साल तक मिलेगा। प्रोटोटाइप अनुदान की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये और सीड फंडिंग 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है।

विशेष वर्गों को अतिरिक्त लाभ
महिला, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े स्टार्टअप के साथ ही पूर्वांचल और बुंदेलखंड में काम करने वाले स्टार्टअप को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि तकनीक, ग्रामीण प्रभाव, चक्रीय अर्थव्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। इस पर अतिरिक्त 50 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा। नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स और 400 करोड़ रुपये के स्टार्टअप कॉर्पस फंड का प्रावधान किया गया है।

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