‘इंसान बड़ा अपनी शोहरत से नहीं, सादगी से होता है…’ ये बात सुनने में तो बहुत अच्छी लगती है लेकिन असल जिंदगी में जिसने इसे वाकई जिया है वो हैं मोहम्मद रफी। आज के प्रसंग में हम आपको रफी साहब (Mohammad Rafi) का ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला किस्सा सुनाएंगे।
कौन-कौन से कलाकार आए नजर?
हम बात कर रहे हैं साल 1981 की फिल्म ‘नसीब’ (Naseeb) की जिसे मनमोहन देसाई ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), शत्रुघन सिन्हा, ऋषि कपूर, हेमा मालिनी और रीना रॉय जैसे कलाकार नजर आए थे।
इस फिल्म के गाने की रिकॉर्डिंग चल रही थी। संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने एक ऐसा संगीत तैयार किया था जो इतिहास रचने वाला था। गाने के बोले थे ‘चल चल मेरे भाई तेरे हाथ जोड़ता हूं…’
क्यों परेशान हो रहे थे अमिताभ बच्चन?
इस गाने को दो लोगों को साथ में गाना था। एक तरफ मोहम्मद रफी थे दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन को ये गाना रफी साहब के साथ रिकॉर्ड करना था। लक्ष्मीकांत ने अमिताभ जी से साफ कहा कि अमित कल रिकॉर्डिंग पर वक्त से आना। कल रफी साहब के साथ आपको गाना है। ये रात अमिताभ बच्चन के लिए किसी इम्तिहान से कम नहीं थी।
रफी ने कैसे दूर की परेशानी?
अगली सुबह रिकॉर्डिंग स्टूडियो खचाखच भरा था। अमिताभ जी समय से पहुंच तो गए लेकिन बेहद घबराए हुए थे। तब रफी साहब ने उनसे पूछा तो अमिताभ ने बताया कि वो 10 साल की उम्र से उन्हें सुनते आ रहे हैं लेकिन आज जब उन्हें उनके साथ गाने का मौका मिला तो वो बेहद नर्वस हैं। इस पर रफी मुस्कुराए और उनके कंधे पर हाथ रखा जिसे अमिताभ का सारा डर पलभर में छूमंतर हो गया। ये गाना जब रिलीज हुआ तो इतना बड़ा हिट साबित हुआ कि हर कोई इसे बार-बार सुनना पसंद करता है।
इस मशहूर किस्से को खुद अमिताभ बच्चन जी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग और ‘KBC’ (कौन बनेगा करोड़पति) के मंच पर शेयर किया था।
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