मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन मंगलवार को निवेश, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीक से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दिनभर उन्होंने अलग-अलग उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में बड़े निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में सभी का स्वागत है।
राणा होल्डिंग्स का 35,200 करोड़ का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर चर्चा हुई। कंपनी ने मध्यप्रदेश में करीब 35,200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाएं बताईं। कंपनी 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 50 मेगावॉट एआई एवं कंप्यूट डेटा सेंटर, 30,000 एमटीपीए क्षमता के क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब में रुचि दिखा रही है।
एआई फैक्ट्री में 18 हजार करोड़ के निवेश की संभावना
एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी-एससीएनईएलएलसी के निवेशकों के साथ औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस और सॉवरेन एआई फैक्ट्री परियोजना पर भी चर्चा हुई। कंपनी ने 50 मेगावॉट क्षमता वाली एआई फैक्ट्री परियोजना में करीब 1.5 से 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया। इसे भविष्य में 100 मेगावॉट से अधिक क्षमता तक बढ़ाया जा सकता है। जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और आधुनिक शिक्षा परिसरों की स्थापना पर भी चर्चा हुई।
स्वास्थ्य से लेकर लॉजिस्टिक्स तक निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों से मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और मेडिकल-नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में निवेश पर चर्चा की। शराफ ग्रुप के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी पर बात हुई। डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार के साथ पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स और निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। वहीं केजीके ग्रुप के साथ डायमंड प्रोसेसिंग, जेम्स एंड ज्वेलरी और निर्यात आधारित इकाइयों की संभावनाएं तलाशीं गईं। विस्टास मीडिया कैपिटल के साथ फिल्म, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट हब पर चर्चा हुई। वीएफएस ग्लोबल के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा सेवा विस्तार तथा पर्यटन-हॉस्पिटैलिटी कौशल विकास पर बातचीत हुई।
शारजाह चैंबर से भी निवेश पर संवाद
मुख्यमंत्री ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, तकनीक, एसएमई, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को जीआईएस-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।
एमपीआईडीसी को मिला ‘विनर एशिया’ सम्मान
एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स-2026 में ‘विनर एशिया’ सम्मान दिया गया। यह पुरस्कार निवेश बढ़ाने, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, रोजगार, नवाचार और सतत विकास में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया। यह सम्मान यूएई के विदेश व्यापार मंत्री और एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने प्रदान किया।
एमार समूह को भी मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री ने एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद अलाब्बार से भी मुलाकात की। उन्होंने इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर सहित प्रदेश में टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी और आधुनिक शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें जीआईएस-2027 में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया।
34 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मिले
दुबई में मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 11 प्रतिशत से अधिक आर्थिक विकास दर, पर्याप्त लैंड बैंक, सड़क-रेल नेटवर्क, आठ सक्रिय हवाई अड्डे, निवेश अनुकूल नीतियां और सिंगल विंडो व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, हरित ऊर्जा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बताईं। उन्होंने निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया और कहा कि “मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।”
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