उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी दिखने लगा है। उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट में है, जबकि प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग समेत 70 सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। उफनते नालों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए पांच से दस लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि हर वर्ष मानसून शुरू होते ही पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्ति और हलारा खड्ड बरसात में उफान पर आ जाते हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। कई बार एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी फसलों की निकासी का समय है। यदि अभी से ऐसी स्थिति बनी हुई है तो बारिश बढ़ने पर पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट सकता है। उनका कहना है कि खड्डों पर पुल और वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग कई बार पीएमजीएसवाई से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमजीएसवाई को सुरक्षा के साथ आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून के दौरान जरूरत पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने को भी कहा गया है।
कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
चार राज्य मार्ग समेत 70 मार्ग बंद
प्रदेश में चार राज्यमार्ग 70 मार्ग बंद है। एसईओसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सबसे अधिक मार्ग देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में 14-14 बंद है। देहरादून जिले में तीन राज्यमार्ग बंद है। चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ- आठ, बागेश्वर छह, रुद्रप्रयाग चार और चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो मार्ग बंद है।
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