भारतीय रुपया ईरान की मुद्रा रियाल (Irani Rial) से काफी मजबूत है। एक भारतीय रुपया 12,109.63 ईरानी रियाल के बराबर है, जिससे 100 रुपये 12.10 लाख रियाल बनते हैं। ईरान की करेंसी दशकों से कमजोर है, और 2018 से इसकी कीमत में लगभग 90% की गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण ईरान पर लगे प्रतिबंध हैं, जिससे महंगाई बढ़ी और आर्थिक विकास धीमा हुआ।
दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जिनकी करेंसी भारतीय रुपये (Indian Rupee) से मजबूत है। इनमें डॉलर, यूरो और पाउंड आदि शामिल हैं। वहीं कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां की करेंसी भारतीय रुपये के मुकाबले बहुत ज्यादा कमजोर है। इनमें पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल का रुपया शामिल हैं। इन देशों की करेंसी के मुकाबले भारती रुपया 3-4 गुना ही महंगा है। मगर एक देश ऐसा है, जहां की करेंसी के मुकाबले भारत का रुपया कई हजार गुना मजबूत है।
कौन-सा है ये देश?
हम जिस देश की बात कर रहे हैं वो है ईरान। बता दें कि ईरान की करेंसी बहुत कमजोर है। इस समय भारत का 1 रुपया 12,109.63 ईरानी रियाल के बराबर है। इस तरह मात्र 100 रुपये 12.10 लाख ईरानी के बराबर बनते हैं।
826 रुपये 1 करोड़ ईरानी रियाल के बराबर
ईरानी करेंसी के 1 करोड़ रियाल देखें तो वे सिर्फ भारत के कुछ सौ रुपये के बराबर बनेंगे। जी हां भारत के 825.79 रुपये ईरान के 1 करोड़ रियाल के बराबर हैं। वैसे तो बीते कई दशकों से ईरानी करेंसी कमजोर रही है। मगर दिसंबर 2025 के आखिर में, ईरानी अर्थव्यवस्था एक मनोवैज्ञानिक और वित्तीय संकट में तब फंस गई थी, जब अमेरिकी डॉलर का अनऑफिशियल एक्सचेंज रेट बढ़कर 1.4 मिलियन रियाल के अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया था।
90 फीसदी घटी करेंसी वैल्यू
करेंसी में इस भारी गिरावट ने साल 2018 से करेंसी की लगभग 90% वैल्यू खत्म कर दी है। करेंसी की इस कमजोर हालत का सबसे बड़ा कारण है प्रतिबंध। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध हैं। नतीजे में वहां महंगाई बढ़ी और ग्रोथ कमजोर हो गयी। अक्टूबर 2025 में, वर्ल्ड बैंक ने आशंका जताई थी कि 2025 में ईरान की GDP में 1.7% की गिरावट आएगी और 2026 में यह 2.8% कम हो जाएगी।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal