आज की तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभरी है। इंसुलिन हार्मोन सेल्स तक ग्लूकोज पहुंचाने का काम करता है, जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें सेल्स इंसुलिन हार्मोन का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाते। अगर इस स्थिति को समय पर न पहचाना जाए, तो यह टाइप-2 डायबिटीज, मोटापे और दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ संकेतों की मदद से इंसुलिन रेजिस्टेंस की पहचान की जा सकती है। आइए जानें कुछ संकेत, जो बताते हैं कि शरीर इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित कर रहा है।
बार-बार प्यास लगना
इंसुलिन रेजिस्टेंस के शुरुआती लक्षणों में सबसे आम है बहुत प्यास लगना। जब सेल्स इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पातीं, तो ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने लगता है। इस एक्स्ट्रा शुगर को शरीर से बाहर निकालने के लिए शरीर टिश्यू से पानी खींचने लगता है, जिससे व्यक्ति को बार-बार और बहुत तेज प्यास महसूस होती है।
बार-बार यूरिन आना
ज्यादा प्यास और बार-बार पेशाब आना एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब ब्लड में ग्लूकोज का स्तर 180mg/dL से ऊपर जाने लगता है, तो किडनी इसे छानकर बाहर निकालने के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं। इस प्रक्रिया में शरीर का बहुत सारा फ्लूएड यूरिन के रूप में बाहर निकल जाता है। अगर आपको रात में बार-बार टॉयलेट जाने के लिए उठना पड़ रहा है, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है।
ज्यादा भूख लगना
क्या आप भरपेट खाना खाने के बाद भी कुछ ही देर में फिर से भूखा महसूस करते हैं? अगर हां, तो यह भी इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में, भले ही आपके खून में काफी शुगर हो, लेकिन वह सेल्स के अंदर नहीं पहुंच पाती। इसके कारण शरीर को एनर्जी नहीं मिलती और दिमाग बार-बार भूख के संकेत भेजता है। इससे व्यक्ति को खासकर मीठा या कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाने की तेज इच्छा होती है।
बहुत ज्यादा थकान
शरीर की एनर्जी का मुख्य सोर्स ग्लूकोज है। जब शरीर इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित करता है, तो ग्लूकोज सेल्स के अंदर नहीं जा पाता। इस कारण शरीर को जरूरत भर भी एनर्जी नहीं मिलती। यही कारण है कि पूरी नींद लेने के बावजूद व्यक्ति दिन भर सुस्ती, कमजोरी और थकान महसूस करता है।
धुंधला दिखना
ब्लड में शुगर लेवल बढ़ना आपकी आंखों के लेंस के आकार को प्रभावित कर सकता है। जब ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो इसके कारण लेंस का आकार बदल सकता है और धुंधला दिखने की समस्या होती है। हालांकि यह स्थायी नहीं होता, लेकिन यह इस बात का गंभीर संकेत है कि आपका मेटाबॉलिज्म सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
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