बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही शुक्रवार को इस्तीफा दे देंगे। वह सत्ता से बेदखल की गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना के पूर्व सहयोगी रहे हैं।
यह घटनाक्रम हसीना के उस बयान के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद स्वदेश लौट रही हैं।
शहाबुद्दीन के प्रवक्ता ने उनके इस्तीफे की कोई वजह नहीं बताई है। हालांकि, मामले की जानकारी रखने वाले तीन अधिकारियों ने बताया कि शेख हसीना के साथ पुराने संबंधों को देखते हुए सरकार ने उन पर पद छोड़ने के लिए दबाव डाला है।
शहाबुद्दीन के त्यागपत्र के बाद शीर्ष पदों पर हसीना का कोई सहयोगी नहीं बचेगा। उनकी बांग्लादेश वापसी की योजना में अभी पांच महीने बाकी हैं।
उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उनकी पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को या तो जेल में डाल दिया गया है या वे भूमिगत हो गए हैं।
शेख हसीना की वापसी बांग्लादेश सरकार के लिए एक चुनौती होगी, जो देश में स्थिरता बहाल करने का प्रयास कर रही है।
प्रेट्र के अनुसार, अखबार प्रथम आलो ने सरकार के एक उच्च-स्तरीय सूत्र के हवाले से कहा है कि सरकार उन खबरों से नाराज है जिनमें कहा गया है कि शहाबुद्दीन ने हाल ही में हसीना से फिर से संपर्क साधने की कोशिश की थी।
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