पुल-पुलिया तक पहुंचा बाढ़ का पानी, जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार 30 KM/H

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ का पानी रेलवे के पुल-पुलिया के करीब पहुंचने से मालदा रेल मंडल ने जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। यात्रियों की सुरक्षा और रेल ट्रैक की निगरानी को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की गति घटाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। सामान्य स्थिति में इन स्थानों पर ट्रेनें करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं। रेलवे प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मानसून पेट्रोलिंग भी तेज कर दी है और रेलकर्मियों को शिफ्टवार पुल-पुलिया, ट्रैक और गंगा के बढ़ते पानी की निगरानी में लगाया गया है।

पुल संख्या 195 के पास लगाया गया स्पीड कॉशन
मालदा मंडल की ओर से जारी कॉशन आदेश के अनुसार, बरियारपुर स्टेशन सीमा में पुल संख्या 195 के समीप अप और डाउन दोनों लाइनों पर स्पीड कॉशन लगाया गया है। अप लाइन में किलोमीटर 347/45 से 347/51 तथा डाउन लाइन में 347/50 से 347/46 के बीच ट्रेनों की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। रेलवे का यह कदम बाढ़ और बढ़ते जलस्तर के बीच ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

बरियारपुर-रतनपुर रेलखंड पर भी ट्रेनों की रफ्तार नियंत्रित
बरियारपुर-रतनपुर रेलखंड पर भी स्पीड कॉशन लागू किया गया है। बरियारपुर से रतनपुर अप लाइन में किलोमीटर 347/45 से 350/41 और रतनपुर से बरियारपुर डाउन लाइन में किलोमीटर 350/42 से 347/46 के बीच ट्रेनें अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति से चलेंगी। इसके अलावा लैलाख-सबौर रेलखंड में पुल संख्या 145/बी के समीप दोनों दिशाओं में भी स्पीड कॉशन लगाया गया है। यहां भी ट्रेनों की गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।

फिलहाल सामान्य है ट्रेनों का परिचालन
फिलहाल जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य है। हालांकि, गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर बनाए हुए है। डीआरएम मालदा मंडल मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित स्थानों पर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति का कॉशन लगाया गया है। साथ ही मानसून पेट्रोलिंग भी शुरू कर दी गई है।

दो दर्जन रेलकर्मी कर रहे मानसून पेट्रोलिंग
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मालदा मंडल ने मानसून पेट्रोलिंग तेज कर दी है। जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर करीब दो दर्जन रेलकर्मियों को शिफ्टवार पुल-पुलिया, रेलवे ट्रैक और गंगा के बढ़ते पानी की निगरानी में लगाया गया है।

रेल कर्मचारी दिन-रात संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि जलस्तर बढ़ने या ट्रैक पर किसी तरह की समस्या आने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाया जा सके।

जमालपुर-किऊल रेलखंड पर भी बढ़ी निगरानी
उधर, जमालपुर-किऊल रेलखंड पर रुक-रुककर हो रही बारिश ने भी रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। धरहरा, अभयपुर और कजरा स्टेशन के आसपास पिछले दिनों रेल पटरी में क्रैक और धंसने की शिकायत सामने आने के बाद निगरानी और बढ़ा दी गई है। जमालपुर एईएन लाइन राजीव कुमार के निर्देश पर पीडब्ल्यूई टीम लगातार ट्रैक की जांच कर रही है। टीम संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचानने की कोशिश कर रही है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया एहतियाती कदम
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों की गति कम करने से यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है, लेकिन यह पूरी तरह एहतियाती कदम है। इसका उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का परिचालन सुरक्षित तरीके से जारी रखना है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि गंगा के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।

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