पंजाब के होशियारपुर और अमृतसर में हिमाचल रोडवेज की बसों पर हमले की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। इन घटनाओं की वजह से दोनों राज्यों में तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं हिमाचल रोडवेज बस चालकों ने पंजाब जाने से मना कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश में बाइकों से भिंडरांवाले के झंडे उतारे जाने के बाद पंजाब में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों को निशाना बनाया जा रहा है। शनिवार को अमृतसर और होशियारपुर में अज्ञात लोगों ने स्टैंड पर खड़ी एचआरटीसी की बसों पर काले स्प्रे से खालिस्तान समर्थक नारे लिखे और शीशे तोड़ दिए। उन्होंने जरनैल सिंह भिंडरांवाले की फोटो भी लगाई।
हिमाचल परिवहन की बसों के साथ तोड़फोड़ और पोस्टर चिपकाए जाने के मामले में पंजाब पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हिमाचल में पहले हुई घटना के बाद जिस कदर पंजाब में अब कुछ लोग हिमाचल रोडवेज की बसों के साथ तोड़फोड़ कर रहे हैं। उस पर पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।
चीमा ने कहा कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। बीते दिनों हिमाचल के सीएम ने सीएम भगवंत मान से बात की थी। हिमाचल सरकार को भी ऐसी घटनाओं पर ध्यान रखना चाहिए। चीमा ने कहा कि पंजाब डीजीपी गौरव यादव लगातार हिमाचल सरकार के साथ संपर्क में है और हिमाचल रोडवेज की बसों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब में बस चलाने से चालकों का इनकार
इस घटना के विरोध में हिमाचल के ड्राइवरों ने पंजाब में बसें चलाने से इनकार कर दिया। होशियारपुर में एचआरटीसी की बसों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने से गुस्साए चालकों ने सवारियों को बीच रास्ते में उतार दिया। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी शरारती तत्व को माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा।
सवारियों को रास्ते में उतार वापस हुई बसें
इस घटना के बाद हिमाचल प्रदेश से पंजाब में आ रही बसें सवारियों को रास्ते में उतार कर ही वापस चली गईं। कांगड़ा जिले से आ रहे अखिल कुमार ने बताया कि वह सुबह बस में बैठकर अमृतसर के लिए निकला था लेकिन जब बस पठानकोट पहुंची तो वहां पर कंडक्टर और ड्राइवर ने सभी सवारियों को उतार दिया और वापस चले गए, जबकि उसने अमृतसर तक की टिकट ले रखी थी। ऐसे में उन्हें बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।