आइएमडी ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ और दिनों के लिए शीत लहर चलने की भविष्यवाणी की है। साथ ही कहा है कि आठ से 10 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बने रहने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहेगा।
इस बीच, बुधवार को जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार दूसरे दिन कोल्ड डे दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने से कड़ाके की सर्दी पड़ी। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
कश्मीर के डोडा जिले में पर्यटक बड़ी संख्या में भद्रवाह-पठानकोट राजमार्ग पर गुलदंडा (9,555 फीट), पंज नल्लाह (10,200 फीट) और चट्टर्गल्ला (10,500 फीट) पर बर्फ से ढके पर्वतीय दृश्य का आनंद लेने के लिए एकत्र हुए। देशभर से पहुंचे कई पर्यटकों ने बर्फबारी को अद्भुत बताया।
राष्ट्रीय राजधानी में लगातार दूसरे दिन कोल्ड-डे दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य औसत से 2.3 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने यहां गुरुवार सुबह घने कोहरे की भविष्यवाणी की है और येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 16 डिग्री सेल्सियस और 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
इस बीच, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। चंडीगढ़ का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब में बठिंडा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि बच्चों और स्टाफ की स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की सर्दी की छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
राजस्थान में भी शीत लहर ने सामान्य जीवन को बाधित किया, यहां कई स्थानों पर कोल्ड-डे की स्थिति दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान राज्य के अधिकांश हिस्सों में 4.5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
जयपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर के कुछ स्थानों पर सुबह के समय घना कोहरा देखा गया, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई और राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। सीकर राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तर-पश्चिम यूरोप में बर्फ और कड़ाके की ठंड, हवाई अड्डों पर फंसे यात्री
अटलांटिक महासागर से आए गोरेटी तूफान की वजह से उत्तर-पश्चिम यूरोप के कई देशों में जोरदार बर्फबारी और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसकी वजह से लोगों की यात्रा मुश्किल हो गई है। नीदरलैंड के एम्सटर्डम स्थित शिपहोल हवाई अड्डे पर करीब एक हजार यात्री रातभर फंसे रहे, क्योंकि बुधवार को लगभग 700 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए बिस्तर, कंबल, तौलिए, खाना और पानी का इंतजाम किया।
डच एयरलाइन केएलएम को विमानों से बर्फ हटाने के लिए एक लाख लीटर खास तरल पदार्थ का इस्तेमाल करना पड़ा, ताकि जहाज उड़ान भर सकें। पेरिस के चार्ल्स-डी-गाल एयरपोर्ट से 100 उड़ानें और आर्ली एयरपोर्ट से करीब 40 उड़ानें रद्द हो गईं।
पेरिस में बच्चे और युवा मोंटमाट्र्रे की पहाडि़यों और एफिल टावर के पास स्की और स्लेज चलाते दिखे। स्पेन, पोलैंड, हंगरी और बाल्कन देशों में भी बर्फ और ठंड की वजह से ट्रेन, बस और सड़क यात्रा प्रभावित हुई।
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