इसके लिए दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने नवीनतम दिशा निर्देश जारी किए हैं।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर मई से उन्नत फुल बॉडी स्कैनर का परीक्षण शुरू होगा। इसके लिए दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने नवीनतम दिशा निर्देश जारी किए हैं।
डीआईएएल के एक अधिकारी के अनुसार, चार अत्याधुनिक स्कैनर खरीदे गए हैं, जिनमें से दो टर्मिनल एक पर तथा दो टर्मिनल तीन पर लगाए गए हैं। साथ ही, डीआईएएल ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि इन मशीनों के लिए आईटी इंटरफेस को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
डीआईएएल की ओर से जानकारी दी गई कि तीन से चार महीने का परीक्षण पूरा होने पर बीसीएएस के नेतृत्व वाली समिति निष्कर्षों का मूल्यांकन करेगी और पूर्ण पैमाने पर कार्यान्वयन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) स्थापित करेगी। 70 से 80 गीगाहर्ट्ज के बीच संचालित मिलीमीटर-वेव प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए ये स्कैनर यात्रियों की गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा बढ़ाते हैं।
इसमें एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन स्कैनरों को यात्रियों की आवाजाही में तेजी लाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे प्रतीक्षा समय कम होने के साथ हवाई अड्डे पर अधिक सहज अनुभव सुनिश्चित होता है।
ये उन्नत स्कैनर विस्फोटकों सहित धातु और गैर-धातु दोनों प्रकार के खतरों का पता लगाते हैं, जो पारंपरिक धातु डिटेक्टरों की तुलना में काफी बेहतर हैं। डीआईएएल ने कहा कि यह प्रौद्योगिकी अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर पहले से ही प्रयोग में है, जिससे तीव्र स्क्रीनिंग संभव है, प्रत्येक स्कैन में केवल तीन सेकंड का समय लगता है और प्रति घंटे अधिकतम 1,200 स्कैन किए जा सकते हैं।
इस पहल पर डीआईएएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि दिल्ली हवाई अड्डा सुरक्षा बढ़ाने तथा यात्रियों को निर्बाध अनुभव सुनिश्चित करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन बॉडी स्कैनर का आगमन सुरक्षा जांच में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है, जिससे गोपनीयता से समझौता किए बिना तीव्र और अधिक प्रभावी जांच संभव हो सकेगी।
सभी स्कैन डेटा को सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जाता है और अधिकृत एजेंसियों तक ही पहुंच सीमित होती है, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होती है।