चित्रकूट में उफनी मंदाकिनी: 30 फीट तक पहुंचा पानी; हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

चित्रकूट में लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी उफान पर है और जलस्तर 30 फीट तक पहुंचने से कई इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों को नाव और हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार सुबह चित्रकूट पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावितों से बातचीत कर राहत सामग्री बांटी।

मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को नाव और हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार देर रात रीवा पहुंचे और अधिकारियों से हालात की जानकारी ली। इसके बाद रविवार सुबह वे चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा है, जिससे चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बनी है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों के सामान को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की सतर्कता के कारण अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने रविवार चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पर बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की और हर संभव सहायता देने की बात कही। उन्होंने प्रभावितों को वस्त्र,घरेलू सामग्री और खाद्यान्न सामग्री का वितरण भी किया।

हेलीकॉप्टर और नाव से रेस्क्यू
प्रशासन की टीमें अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। अब तक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है। जरूरत के अनुसार कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर और अन्य को नावों की मदद से बाहर निकाला गया। मंदाकिनी का पानी बढ़ने से कई रहवासी इलाकों में भी जलभराव हो गया है।

10 जगहों पर बनाए आश्रय स्थल
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने करीब 10 स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए हैं। यहां लोगों के ठहरने के साथ भोजन, साफ पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को जरूरी सामान समय पर उपलब्ध कराया जाए।

फंसे लोगों को निकालना पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जरूरत के अनुसार नाव, हेलीकॉप्टर और अन्य बचाव संसाधनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। रेस्क्यू टीमों को लगातार अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

रात में रीवा पहुंचकर की थी समीक्षा
मुख्यमंत्री शनिवार रात रीवा पहुंचे थे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रीवा और सतना के अधिकारियों से बारिश, जलभराव और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए भोजन, कपड़े और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने तथा नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। रविवार सुबह चित्रकूट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत और बचाव कार्य की स्थिति देखी। प्रशासन का फोकस बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने पर है।

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