डोनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला करके पूरी दुनिया को अमेरिका की पावर दिखाई है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उन्हीं के घर से गिरफ्तार कर लिया और कैद करके अमेरिका ले गए।
अमेरिका की नजर अब ग्रीनलैंड पर है, जिसके पास कई अरब टन रेअर अर्थ खनिज हैं। साथ ही ग्रेफाइट और लीथियम के भी भंडार हैं। ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए ट्रंप किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।
ग्रीनलैंड खरीदना चाहते थे डोनल्ड ट्रंप
डोनल्ड ट्रंप 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ग्रीनलैंड को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन डेनमार्क के अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
डेनमार्क ने डोनल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया कि आर्कटिक रीजन बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। लेकिन इसके बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति की निगाहें ग्रीनलैंड से हटी नहीं हैं, वे आज भी इस पर कब्जा करना चाहते हैं।
ग्रीनलैंड में छिपा है कौन सा खजाना?
ग्रीनलैंड में कई तरह के रेअर अर्थ खनिज, ग्रेफाइट और लीथियम का भंडार है। इसके अलावा इस द्वीप पर कच्चे तेल के भंडार होने का भी अनुमान है।
आर्कटिक क्षेत्र में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अनुसार, इस द्वीप पर 36.1 अरब टन रेअर अर्थ खनिज हैं।
ग्रीनलैंड में 60 लाख टन ग्रेफाइट होने का भी अनुमान है, जो कि दुनिया में मौजूद कुल ग्रेफाइट का 0.75 प्रतिशत हो सकता है।
ग्रीनलैंड में 2.35 टन लीथियम का भंडार होने का अनुमान है।
इस द्वीप पर 28 अरब बैरल कच्चा तेल होने का भी अनुमान है।
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